Headline
कम खाना खाने के बावजूद क्यों बढ़ता है वजन? रोटी नहीं, ये आदतें हो सकती हैं जिम्मेदार
कम खाना खाने के बावजूद क्यों बढ़ता है वजन? रोटी नहीं, ये आदतें हो सकती हैं जिम्मेदार
आंध्र प्रदेश में दर्दनाक सड़क हादसा, बस-ऑटो की टक्कर में 7 लोगों की मौत, कई घायल
आंध्र प्रदेश में दर्दनाक सड़क हादसा, बस-ऑटो की टक्कर में 7 लोगों की मौत, कई घायल
‘टॉक्सिक’ का बॉक्स ऑफिस पर धमाका, पहले दिन ही पार किया 100 करोड़ का आंकड़ा
‘टॉक्सिक’ का बॉक्स ऑफिस पर धमाका, पहले दिन ही पार किया 100 करोड़ का आंकड़ा
त्योहारी सीजन में मिलावटखोरों पर शिकंजा, हल्द्वानी-रामनगर में खाद्य विभाग की छापेमारी
त्योहारी सीजन में मिलावटखोरों पर शिकंजा, हल्द्वानी-रामनगर में खाद्य विभाग की छापेमारी
नेपाल-चीन सीमा पर बाढ़ से भारी तबाही, 165 लोगों की मौत
नेपाल-चीन सीमा पर बाढ़ से भारी तबाही, 165 लोगों की मौत
मुख्यमंत्री के निर्देशों पर श्रीनगर व कोटद्वार में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई
मुख्यमंत्री के निर्देशों पर श्रीनगर व कोटद्वार में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई
सैनिक परिवारों को उच्च शिक्षा में बड़ी राहत, गढ़वाल राइफल्स और सीआईएमएस ग्रुप के बीच MOU
सैनिक परिवारों को उच्च शिक्षा में बड़ी राहत, गढ़वाल राइफल्स और सीआईएमएस ग्रुप के बीच MOU
प्रेमनगर क्षेत्र में आबकारी विभाग की छापेमारी, 19 पेटी शराब बरामद
प्रेमनगर क्षेत्र में आबकारी विभाग की छापेमारी, 19 पेटी शराब बरामद
‘जीवन भीमा योजना’ का ट्रेलर रिलीज, डबल रोल में नजर आएंगे अरशद वारसी
‘जीवन भीमा योजना’ का ट्रेलर रिलीज, डबल रोल में नजर आएंगे अरशद वारसी

पुराने कुओं के जीर्णोंधार के लिए चलेगा विशेष अभियान- मुख्यमंत्री धामी

पुराने कुओं के जीर्णोंधार के लिए चलेगा विशेष अभियान- मुख्यमंत्री धामी

सत्यापन के बाद व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा सफाई और रख रखाव का अभियान

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दशकों पुराने कुओं का जीर्णोंधार करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए कुओं का व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जाएगा, साथ ही रख रखाव के जरिए इन्हें फिर से पुनर्जीवित किया जाएगा।

कुएं प्राचीन काल से गांवों से लेकर शहरों में तक मीठे और साफ पानी के स्रोत रहे हैं, कुंए धार्मिंक और सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण होते हैं, कई जगह कुंए एतिहासिक घटनाओं के भी गवाह हैं। लेकिन समय के साथ जलापूर्ति की व्यवस्था बदलने से कुंओं का उपयोग घटता चला गया। वर्तमान में कई जगह कुएं अतिक्रमण या उपेक्षा के शिकार हो चुके हैं। लेकिन अब प्रदेश सरकार एक बार फिर कुओं का रख -रखाव करने जा रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बरसात से पहले कुओं की व्यापक सफाई करते हुए, इन्हें पुनर्जीवित करने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्र में भी विभिन्न सरकारी योजनाओं के जरिए कुओं की साफ सफाई करते हुए, पुनर्जीवित किया जाएगा।

सारा के तहत जलस्रोतों को बचाने का प्रयास

प्रदेश सरकार गेम चेंजर योजना के तहत स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी (सारा) के जरिए, जल स्रोतों के संरक्षण का प्रयास कर रही है। जल संरक्षण अभियान 2024 के तहत कुल 6350 क्रिटिकल – सूखे जल स्रोतों को चिन्हित करते हुए, पेयजल और सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण 929 स्रोतों का उपचार किया जा चुका है। साथ ही मैदानी क्षेत्रों में भूजल रिचार्ज के लिए 297 रिचार्ज शॉफ्ट निर्मित किए जा चुके हैं। गत वर्ष विभिन्न जल संचय और संग्रहण संरचनाओं के निर्माण से 3.21 मिलियन घन मीटर वर्षा जल रिचार्ज किया गया।

प्रधानमंत्री ने व्यक्त किया आग्रह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नौ नवंबर को उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस पर दिए अपने भाषण में राज्यवासियों से अपने नौलों, धारों को संरक्षित करते हुए, पानी की स्वच्छता के अभियानों को गति देने का आग्रह व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि उत्तराखंड में अपने नौलों धारों को पूजने की परंपरा रही है, प्रदेश सरकार इसी क्रम में कुओं को भी संरक्षित करने का अभियान शुरू करने जा रही है।

कुंए हमारी सभ्यता के अहम अंग रहे हैं। शहरों से लेकर गांवों तक कई प्राचीन कुंए हैं। हमारा प्रयास है कि इन्हें फिर प्रयोग में लाया जाए, इससे जल संरक्षण के प्रयासों को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्वच्छ जल के प्राकृतिक स्रोत भी संरक्षित हो सकेंगे। – पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री उत्तराखंड

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top