Headline
अजिंक्य रहाणे ने क्रिकेट को कहा अलविदा, सभी प्रारूपों से संन्यास का किया ऐलान
अजिंक्य रहाणे ने क्रिकेट को कहा अलविदा, सभी प्रारूपों से संन्यास का किया ऐलान
‘रामायण’ का दमदार ट्रेलर रिलीज, रावण के अवतार में यश ने बटोरी सुर्खियां
‘रामायण’ का दमदार ट्रेलर रिलीज, रावण के अवतार में यश ने बटोरी सुर्खियां
स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की तैयारियां तेज
स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की तैयारियां तेज
एचआईवी/एड्स मुक्त देहरादून का संकल्प, रोकथाम से उपचार तक कसेगा प्रशासन का शिकंजा
एचआईवी/एड्स मुक्त देहरादून का संकल्प, रोकथाम से उपचार तक कसेगा प्रशासन का शिकंजा
राज्य में शत-प्रतिशत लागू होंगे एनईपी-2020 के प्रावधान- डाॅ. धन सिंह रावत
राज्य में शत-प्रतिशत लागू होंगे एनईपी-2020 के प्रावधान- डाॅ. धन सिंह रावत
देहरादून के भविष्य को आकार देने उमड़ रही जनता, महायोजना-2041 पर दूसरे चरण की सुनवाई में बढ़ी भागीदारी
देहरादून के भविष्य को आकार देने उमड़ रही जनता, महायोजना-2041 पर दूसरे चरण की सुनवाई में बढ़ी भागीदारी
देहरादून पुलिस का त्वरित एक्शन, 24 घंटे में बुलेट चोरी का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
देहरादून पुलिस का त्वरित एक्शन, 24 घंटे में बुलेट चोरी का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
लोकसभा में नकल विरोधी संशोधन विधेयक पारित होने पर मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री का जताया आभार
लोकसभा में नकल विरोधी संशोधन विधेयक पारित होने पर मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री का जताया आभार
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर SIR पर की समीक्षा
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर SIR पर की समीक्षा

क्या आप भी लेते हैं ज्यादा स्ट्रेस, अगर हां, तो जान लीजिये इसके नुकसान

क्या आप भी लेते हैं ज्यादा स्ट्रेस, अगर हां, तो जान लीजिये इसके नुकसान

शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य एक दूसरे से जुड़े हुए हैं, यही कारण है कि मेंटल हेल्थ की समस्याओं के कारण शारीरिक स्वास्थ्य और शारीरिक समस्याओं के कारण मेंटल हेल्थ पर असर हो सकता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को स्ट्रेस को कंट्रोल रखने की सलाह देते हैं। अगर आप भी तनाव के शिकार हैं तो समय रहते इसे कंट्रोल करने के उपाय कर लीजिए, ये संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए गंभीर समस्याओं को बढ़ाने वाला हो सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, स्ट्रेस एक शारीरिक और मानसिक प्रतिक्रिया है जो तब होती है जब आप किसी चुनौतीपूर्ण या खतरनाक स्थिति का सामना करते हैं। यह प्रतिक्रिया शरीर को फाइट मोड में ले जाती है, जहां से कोर्टिसोल नामक स्ट्रेस हार्मोन रिलीज होते हैं और आपको उस समस्या से निपटने में मदद करते हैं।

पर क्या आप जानते हैं कि बहुत अधिक या लंबे समय तक बने रहने वाले तनाव के कारण शरीर में कोर्टिसोल की अधिकता होती है जिसका संपूर्ण स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर हो सकता है।

गड़बड़ तो नहीं रहता है पाचन?

पाचन से संबंधित समस्याओं को आमतौर पर खान-पान और लाइफस्टाइल में गड़बड़ी की दिक्कत के रूप में जाना जाता है, पर क्या आप जानते हैं कि लंबे समय तक बने रहने वाली पाचन की दिक्कतें इस बात का भी संकेत हो सकती हैं कि आप स्ट्रेस का शिकार है?

जॉन्स हॉप्किंस की रिपोर्ट के मुताबिक तनाव का पाचन प्रणाली पर सीधा असर पड़ता है। इतना ही नहीं लंबे समय तक बने रहने वाली स्ट्रेस की समस्या के कारण इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (आईबीएस) और पेप्टिक अल्सर जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। अक्सर एसिडिटी-कब्ज, गैस या अपच बनी रहती है और सामान्य दवाओं से लाभ नहीं मिल रहा है तो ये स्ट्रेस का भी संकेत हो सकता है।

हार्ट बीट बढ़ना भी हो सकता है स्ट्रेस का संकेत

स्ट्रेस का आपके हार्ट हेल्थ पर भी नकारात्मक असर हो सकता है। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक तनाव की समस्या हृदय रोगों (जैसे हाई ब्लड प्रेशर, दिल की धड़कन तेज़ होना, हार्ट अटैक) का खतरा बढ़ा देती है।

असल में तनाव की स्थिति ब्लड प्रेशर को बढ़ा देती है, जिससे हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। वहीं कोर्टिसोल की अधिक कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को बढ़ाने वाली हो सकती है। ये सभी स्थितियां दिल की बीमारियों का कारण बन सकती हैं।

मानसिक स्वास्थ्य पर असर

क्रॉनिक स्ट्रेस से डिप्रेशन, एंग्जायटी डिसऑर्डर, और नींद की समस्याएं भी बढ़ जाती है। अध्ययनों से पता चलता है कि जो लोग अधिक तनाव में रहते हैं उनमें डिप्रेशन होने का जोखिम अधिक रहता है। इससे दिमाग की कार्यक्षमता और याददाश्त की भी दिक्कतें बढ़ जाती हैं। डिप्रेशन मेंटल हेल्थ की गंभीर समस्या है जिसका शारीरिक स्वास्थ्य पर भी असर होता है।

स्ट्रेस के कारण होने वाली अन्य समस्या

लंबे समय तक बनी रहने वाली स्ट्रेस की समस्या आपको संपूर्ण स्वास्थ्य को कई और प्रकार से भी प्रभावित करने लगती है।
अमेरिकल साइकोलॉजी एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार, लंबे समय तक अगर आप तनाव का शिकार रहते हैं तो ये प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करता है। इससे संक्रमण, एलर्जी और ऑटोइम्यून बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
स्ट्रेस के कारण कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ने से भूख भी बढ़ जाती है। यही कारण है कि इससे वजन बढ़ने और मोटापे की भी दिक्कत हो सकती है।

(साभार)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top