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मुंह के छोटे-छोटे छालों को न करें नजरअंदाज, हो सकते हैं ओरल कैंसर के संकेत

मुंह के छोटे-छोटे छालों को न करें नजरअंदाज, हो सकते हैं ओरल कैंसर के संकेत

अक्सर हम मुंह में होने वाले छोटे-छोटे छालों को मामूली समझकर अनदेखा कर देते हैं। आमतौर पर ये मसालेदार खाना खाने, पेट की गर्मी या विटामिन की कमी से होते हैं और कुछ ही दिनों में ठीक हो जाते हैं। लेकिन अगर कोई छाला दो सप्ताह से ज्यादा समय तक बना रहे, इसका आकार बढ़े, या दर्द बढ़े, तो यह मुंह के कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, मुंह का कैंसर दुनिया में सबसे आम कैंसर में से एक है। इसकी सबसे बड़ी वजह तम्बाकू और शराब का सेवन है। समय रहते इसके लक्षण पहचान कर इलाज शुरू किया जाए, तो इसे सफलतापूर्वक नियंत्रित किया जा सकता है।

ओरल कैंसर के प्रमुख लक्षण

मुंह के कैंसर के लक्षण सिर्फ छालों तक सीमित नहीं हैं। इन पर ध्यान दें:

मुंह में सफेद या लाल धब्बे, जो आसानी से ठीक न हों।

मुंह में गांठ या सूजन, या खाना चबाने और निगलने में दर्द।

होंठ, मसूड़े या जीभ पर छाले या घाव।

आवाज़ में बदलाव या किसी तरह की असहजता।

तम्बाकू और शराब: मुख्य जोखिम कारक

सिगरेट, बीड़ी, सिगार, गुटखा, पान मसाला और शराब मुंह के कैंसर के सबसे बड़े कारण हैं। इनसे मुंह की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है और कैंसर का खतरा बढ़ता है। खासकर तम्बाकू और शराब का एक साथ सेवन, खतरे को कई गुना बढ़ा देता है।

बचाव के उपाय

तम्बाकू और शराब का सेवन बंद करें।

हरी सब्जियाँ और फल अपनी डाइट में शामिल करें।

मुंह की सफाई का नियमित ध्यान रखें।

अगर कोई लक्षण दो सप्ताह से ज्यादा बना रहे, तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

समय पर जांच और इलाज

मुंह के कैंसर का प्रारंभिक पता लगना ही सफल इलाज की कुंजी है। शुरुआती चरण में सर्जरी, रेडिएशन या कीमोथेरेपी से इसे ठीक किया जा सकता है। लेकिन इसे अनदेखा करने पर यह शरीर के अन्य हिस्सों तक फैल सकता है, जिससे इलाज कठिन हो जाता है। इसलिए जागरूकता, सावधानी और समय पर जांच ही इस बीमारी से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।

(साभार)

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