Headline
देहरादून में स्वच्छता अभियान: 40 टन कूड़ा उठाया, डीएम ने खुद संभाली सफाई की कमान
देहरादून में स्वच्छता अभियान: 40 टन कूड़ा उठाया, डीएम ने खुद संभाली सफाई की कमान
विद्यालयों में हो स्थायी शिक्षक और सुदृढ़ शैक्षणिक व्यवस्थाः मुख्य सचिव
विद्यालयों में हो स्थायी शिक्षक और सुदृढ़ शैक्षणिक व्यवस्थाः मुख्य सचिव
आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन 2.0 की तैयारियों का डीएम ने लिया जायजा, धावकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन 2.0 की तैयारियों का डीएम ने लिया जायजा, धावकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
ट्रंप की जेलेंस्की को दो टूक चेतावनी, बोले- समझौता नहीं किया तो भुगतने होंगे गंभीर परिणाम
ट्रंप की जेलेंस्की को दो टूक चेतावनी, बोले- समझौता नहीं किया तो भुगतने होंगे गंभीर परिणाम
उत्तराखंड की बेटी IPS तृप्ति भट्ट को CBI में SP की जिम्मेदारी, देवभूमि का बढ़ाया मान
उत्तराखंड की बेटी IPS तृप्ति भट्ट को CBI में SP की जिम्मेदारी, देवभूमि का बढ़ाया मान
ड्यूटी पर जाते समय सड़क हादसे में पुलिसकर्मी प्रमोद कुमार का निधन, तीन बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
ड्यूटी पर जाते समय सड़क हादसे में पुलिसकर्मी प्रमोद कुमार का निधन, तीन बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
सलमान खान की फिल्म ‘मातृभूमि’ का नया गाना ‘जय हिंद’ हुआ रिलीज
सलमान खान की फिल्म ‘मातृभूमि’ का नया गाना ‘जय हिंद’ हुआ रिलीज
चारधाम यात्रा में टूटा रिकॉर्ड, 60 लाख के पार पहुंची श्रद्धालुओं की संख्या
चारधाम यात्रा में टूटा रिकॉर्ड, 60 लाख के पार पहुंची श्रद्धालुओं की संख्या
22 से 26 अक्टूबर तक गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में न्याय यात्रा निकाली कांग्रेस
22 से 26 अक्टूबर तक गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में न्याय यात्रा निकाली कांग्रेस

सिलक्यारा सुरंग में मलबे को हटाने के लिए कार्ययोजना की तैयार, 20 करोड़ रुपये होंगे खर्च

सिलक्यारा सुरंग में मलबे को हटाने के लिए कार्ययोजना की तैयार, 20 करोड़ रुपये होंगे खर्च

चिन्यालीसौड़। सिलक्यारा सुरंग में भूस्खलन से आए मलबे को हटाने में 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मलबे को हटाने के लिए स्विट्जरलैंड की कंपनी से मदद मांगी गई थी, जिसने 20 करोड़ की कार्ययोजना (डीपीआर) तैयार की है। मलबा हटाने का काम तीन-चार दिन में शुरू होगा। पिछले साल 12 नवंबर को यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग में भूस्खलन से सुरंग में काम कर रहे 41 मजदूर फंस गए थे, जिन्हें 17 दिन बाद सुरक्षित निकाल लिया गया था। हादसे के बाद ढाई महीने से अधिक समय तक सुरंग का निर्माण ठप रहा। 23 जनवरी को केंद्र ने एनएचआईडीसीएल को निर्माण शुरू करने की अनुमति दी, जिसके बाद बड़कोट से निर्माण शुरू हुआ।

सिलक्यारा छोर से भूस्खलन के मलबे से निर्माण शुरू नहीं हो पाया। निर्माण शुरू करने के लिए सुरंग में रिसाव से जमा पानी की निकासी शुरू की गई, जिसके बाद अगली चुनौती भूस्खलन का मलबा हटाने की है। निर्माणदायी कंपनी नवयुगा ने तैयारी शुरू कर दी है। मलबा हटाने के लिए स्विट्जरलैंड की कंपनी से तकनीकी मदद मांगी गई थी, जिसने मलबा हटाने के लिए करीब 20 करोड़ की डीपीआर तैयार की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top