Headline
केंद्र सरकार विकास और सुशासन के लिए काम कर रही- अमित शाह
केंद्र सरकार विकास और सुशासन के लिए काम कर रही- अमित शाह
गिलगिट-बाल्टिस्तान के स्कार्दू में विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा, गोलीबारी में 38 लोगों की मौत
गिलगिट-बाल्टिस्तान के स्कार्दू में विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा, गोलीबारी में 38 लोगों की मौत
चारधाम यात्रा 2026- हेली शटल सेवा के टेंडर अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी सुविधाएँ
चारधाम यात्रा 2026- हेली शटल सेवा के टेंडर अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी सुविधाएँ
किडनी स्टोन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर इलाज जरूरी
किडनी स्टोन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर इलाज जरूरी
पार्टी कार्यकर्ताओं संग हरिद्वार रवाना हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी
पार्टी कार्यकर्ताओं संग हरिद्वार रवाना हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने रुपये
‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने रुपये
नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, जल्द खुलेगा आम जनता के लिए
नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, जल्द खुलेगा आम जनता के लिए
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी

आजादी के बाद से पड़ोसियों के साथ हमारे संबंध हुए मजबूत – विदेश मंत्री जयशंकर 

आजादी के बाद से पड़ोसियों के साथ हमारे संबंध हुए मजबूत – विदेश मंत्री जयशंकर 

जब तक सेना चीन सीमा पर तैनात रहेगी, तब तक तनाव जारी रहेगा – जयशंकर 

वॉशिंगटन/नई दिल्ली। केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर इनदिनों अमेरिका दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने इस कार्यक्रम में चीन के साथ भारत के संबंधपर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि जब चीन की बात आती है को वे मंत्रालय में अपने सहयोगियों से प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार रहने के लिए कहते हैं। जयशंकर ने एक संदेश देते हुए कहा कि दुनिया किसी को भी थाली में परोसकर कुछ नहीं देती है।

जयशंकर ने कहा, “आजादी के बाद से पड़ोसियों के साथ हमारे संबंध बहुत मजबूत हो गए हैं। इसका एकमात्र कारण यह है कि हम बहुत क्षेत्रीय हो गए हैं। हमारे पड़ोसियों की भी अपनी राजनीति है और वहां भी उतार-चढ़ाव है। एक बड़े पड़ोसी के तौर पर हम राजनीतिक बहस का हिस्सा बन जाते हैं। जब चीन की बात आती है तो मैं विदेश मंत्रालय में अपने सहयोगियों से कहता हूं कि प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार रहें। दुनिया आपको कुछ भी परोस कर नहीं देगी।” जयशंकर ने आगे कहा, “सीमा में शांति बरकरार कैसे रखे, इसे लेकर चीन के साथ हमने समझौता किया था, लेकिन चीन ने 2020 में उन समझौतों का उल्लंघन किया। सीमा पर हमने सेना को तैनात किया है, जिसे लेकर दोनों देशों के बीच तनाव है। जब तक सेना वहां तैनात रहेंगे, तब तक तनाव जारी रहेगा। अगर तनाव ऐसे ही जारी रहा तो इसका असर शेष संबंधों पर भी पड़ेगा। पिछले चार साल से हमारे संबंध अच्छे नहीं है।

विदेश मंत्री ने कहा, “जब व्यापार की बात आती है तो मुझे लगता है विश्व स्तर पर विनिर्माण में चीन की भागेदारी 31-32 फीसदी है। कई दशकों से पश्चिमी देशों ने लाभ के लिए चीन के साथ सहयोग करना शुरू किया। इसलिए आज, किसी भी देश के लिए, अगर आप किसी भी प्रकार के विनिर्माण में हैं तो चीन से सोर्सिंग अनिवार्य है। एक स्तर पर चीन के साथ व्यापार राजनीतिक और बाकी संबंधों से लगभग स्वायत्त है।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top