Headline
किडनी स्टोन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर इलाज जरूरी
किडनी स्टोन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर इलाज जरूरी
पार्टी कार्यकर्ताओं संग हरिद्वार रवाना हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी
पार्टी कार्यकर्ताओं संग हरिद्वार रवाना हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने रुपये
‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने रुपये
नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, जल्द खुलेगा आम जनता के लिए
नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, जल्द खुलेगा आम जनता के लिए
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नेपाल चुनाव में बालेंद्र शाह की प्रचंड जीत पर दी बधाई
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नेपाल चुनाव में बालेंद्र शाह की प्रचंड जीत पर दी बधाई
गृहमंत्री के दौरे से पहले डीएम सविन बंसल ने एसएसपी संग व्यवस्थाओं का किया स्थलीय निरीक्षण
गृहमंत्री के दौरे से पहले डीएम सविन बंसल ने एसएसपी संग व्यवस्थाओं का किया स्थलीय निरीक्षण
चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार- महाराज
चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार- महाराज

कपाट खोलने के बाद बद्रीनाथ धाम में हुआ कुछ ऐसा, जिसे देश के लिए शुभ संकेत मान रहे तीर्थ पुरोहित

कपाट खोलने के बाद बद्रीनाथ धाम में हुआ कुछ ऐसा, जिसे देश के लिए शुभ संकेत मान रहे तीर्थ पुरोहित

देहरादून। बदरीनाथ धाम कपाट खोलने के बाद कुछ ऐसा हुआ जिसे तीर्थ पुरोहित देश के लिए शुभ संकेत मान रहे हैं। दरअसल, बदरीनाथ की मूर्ति को कपाट बंद करने के वक्त ओढ़ाया गया घृत कंबल जब हटाया गया तो उसपर घी पूरी तरह से लगा मिला। इतने कम तापमान होने पर भी घी सूखा नहीं। घृतकंबल पर घी का ना सूखना देश के लिए शुभ माना जाता है।

बदरीनाथ के पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि जब बदरीनाथ गर्भगृह में घृत कंबल हटाया गया तो, उस पर लगाया गया घी का लेप सूखा नहीं था। इससे देश में खुशहाली आने के संकेत हैं।गत वर्ष भी घी सूखा नहीं था। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि यदि बदरीनाथ के माथे की तरफ कंबल से घी सूख जाता है तो हिमालय क्षेत्र में सूखे की स्थिति पैदा होती है, और निचले हिस्से में घी सूखे तो देश में विपत्ति आती है।

घृत कंबल को देश के प्रथम गांव माणा की महिलाओं के द्वारा तैयार किया जाता है। बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के दिन घी के लेप लगे कंबल को बदरीनाथ के ओढ़ा जाता है और कपाट खुलने के दिन इस कंबल को तीर्थयात्रियों में प्रसाद के रुप में वितरित किया जाता है। टिहरी के राजा प्रतिनिधि के रूप में बदरीनाथ धाम पहुंचे ठाकुर भवानी सिंह पंवार की देखरेख में बदरीनाथ धाम के कपाट खुले। उनके साथ राजगुरु कृष्णानंद नौटियाल, ठाकुर नरेंद्र सिंह रौथाण, ठाकुर गौरव बर्त्वाल और डॉ. मानवेंद्र बर्त्वाल भी मौजूद रहे।

बता दें कि टिहरी राजा की कुंडली के आधार पर ही बदरीनाथ धाम के कपाट खोलने की तिथि घोषित होती है। बदरीनाथ धाम में ताला खोलने का काम राजगुरु करते हैं। धाम के कपाट खुलने के बाद देश के प्रथम गांव माणा की महिलाओं ने मांगलिक गीतों के साथ ही बदरीनाथ के गीतों की प्रस्तुतियां दी। महिलाओं ने झुमेलो के साथ जय बदरी विशाल बोला, जय बदरी विशाल के साथ ही कई अन्य भजनों की प्रस्तुतियां भी दीं। इस दौरान तीर्थयात्रियों ने भी महिलाओं के साथ झुमेलो में प्रतिभाग किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top