Headline
केंद्र सरकार विकास और सुशासन के लिए काम कर रही- अमित शाह
केंद्र सरकार विकास और सुशासन के लिए काम कर रही- अमित शाह
गिलगिट-बाल्टिस्तान के स्कार्दू में विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा, गोलीबारी में 38 लोगों की मौत
गिलगिट-बाल्टिस्तान के स्कार्दू में विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा, गोलीबारी में 38 लोगों की मौत
चारधाम यात्रा 2026- हेली शटल सेवा के टेंडर अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी सुविधाएँ
चारधाम यात्रा 2026- हेली शटल सेवा के टेंडर अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी सुविधाएँ
किडनी स्टोन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर इलाज जरूरी
किडनी स्टोन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर इलाज जरूरी
पार्टी कार्यकर्ताओं संग हरिद्वार रवाना हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी
पार्टी कार्यकर्ताओं संग हरिद्वार रवाना हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने रुपये
‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने रुपये
नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, जल्द खुलेगा आम जनता के लिए
नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, जल्द खुलेगा आम जनता के लिए
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी

पौड़ी जिले की अंकिता ध्यानी ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में जीता गोल्ड 

पौड़ी जिले की अंकिता ध्यानी ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में जीता गोल्ड 

पौड़ी।  कौन कहता है पहाड़ की लड़की कमजोर होती है, पहाड़ की लड़कियों में आगे बढ़ने का हुन्नर नहीं होता। जिन लोगों के यह शब्द होते है, आज उन लोगों के मुंह को प्रखंड जयहरीखाल के अंतर्गत ग्राम मेरूड़ा निवासी अंकिता ध्यानी ने पूरी तरह बंद कर दिया है, और यह साबित कर दिया है, कि पहाड़ की बेटी नहीं है किसी से कम। जी हां पहाड़ की बेटी अंकिता ने पंचकूला में चल रही 63वीं नेशनल इंटर स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है। उन्होंने 5000 मीटर दौड़ में यह कामयाबी हासिल की।

बता दें कि कोटद्वार से करीब सत्तर किमी. दूर स्थित है जहरीखाल ब्लाक का मेरूड़ा गांव। पचास-साठ परिवारों वाले इस गांव में शिक्षा के नाम पर एक प्राथमिक स्कूल मौजूद है व खेलने के नाम पर स्कूल का छोटा सा ऐसा खेल मैदान। मैदान के मध्य में ऊर्जा निगम ने हाईटेंशन लाइन का विद्युत पोल लगा है, जिस कारण स्कूल के शिक्षक स्वयं ही बच्चों को मैदान से दूर रहने की हिदायत देते हैं।

इन विषम परिस्थितियों में स्वयं की पहचान बनाने का सपना लिए मेरूड़ा निवासी महिमानंद ध्यानी व लक्ष्मी देवी की पुत्री अंकिता सपनों को साकार करने में जुट गई। नतीजा, मात्र 16 वर्ष की आयु में अंकिता राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में कामयाब हुई। गांव की पथरीली पगडंडियों में अंकिता ने अपनी शिक्षिका रिद्धि भट्ट की प्रेरणा से दौड़ना शुरू किया। इन पगडंडियों ने अंकिता के पैरों को इस कदर मजबूती दी कि आज वह राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सफलता के परचम लहरा रही है।
अंकिता का सफर 
  • अंकिता ने कक्षा आठ में पहली बार 2013-14 में रांची में संपन्न हुए स्कूल गेम्स में प्रतिभाग किया। इस प्रतियोगिता में अंकिता ने आठ सौ व 1500 मीटर की दौड़ में प्रतिभाग किया, हालांकि, इसमें वह चौथे स्थान पर रही।
  • 2014-15 व 2015-16 में अंकिता पुन: नेशनल स्कूल गेम्स तक पहुंची। लेकिन, प्रथम तीन में स्थान नहीं बना पाई।
  • 2016-17 में पहली बार अंकिता ने एथलेटिक्स फेडरेशन आफ इंडिया की ओर से तेलंगाना में आयोजित तीन हजार मीटर की दौड़ में प्रथम स्थान पाया।
  • 2016-17 में ही यूथ फेडरेशन की ओर से बड़ोदरा में आयोजित तीन हजार मीटर की दौड़ में स्वर्ण पदक जीता।
  • 2017-18 में रोहतक में आयोजित राष्ट्रीय स्कूल गेम्स में तीन हजार मीटर दौड़ में रजत पदक जीता।
  • 2018-19 में ही यूथ फेडरेशन की रांची में आयोजित प्रतियोगिताओं में 1500 मीटर दौड़ और रूद्रपुर में आयोजित राज्य ओलंपिक में पांच हजार मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता।
  • पुणे में आयोजित खेलो इंडिया में अंकिता ने 1500 व 3000 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीत साई हास्टल भोपाल में जगह पाई।
  • कड़े परिश्रम के दम में अंकिता ने 2019, 2020 में खेलो इंडिया में अलग-अलग दौड़ में स्वर्ण पदक, 2021 में भोपाल व गोवाहाटी में आयोजित प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीते।
  • पटियाला में आयोजित प्रतियोगिता में कांस्य पदक व संगरूर में आयोजित प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया।
  • अगस्त 2021 में अंकिता ने नैरोबी (केन्या) में संपन्न हुई विश्व एथीलीट (अंडर-20) चैंपियनशिप में पांच हजार मीटर दौड़ में प्रतिभाग किया।
अंकिता इन दिनों भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) की ओर से दक्षिण अफ्रीका में बीस-दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभाग कर रही है। अंकिता का सपना अंतराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने का है। अंकिता की प्रतिभा को देखते हुए मध्य रेलवे मुंबई ने विभागीय सेवा में लिया है। अंकिता ने मध्य रेलवे में ज्वाइनिंग लेते ही 87-वीं आल इंडिया इंटर रेलवे एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2022 में प्रतिभाग किया। जिसमें उसने दस हजार मीटर दौड़ में स्वर्ण, 1500 मीटर दौड़ में रजत और मिक्स रिले रेस में कांस्य पद जीता।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top