Headline
केंद्र सरकार विकास और सुशासन के लिए काम कर रही- अमित शाह
केंद्र सरकार विकास और सुशासन के लिए काम कर रही- अमित शाह
गिलगिट-बाल्टिस्तान के स्कार्दू में विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा, गोलीबारी में 38 लोगों की मौत
गिलगिट-बाल्टिस्तान के स्कार्दू में विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा, गोलीबारी में 38 लोगों की मौत
चारधाम यात्रा 2026- हेली शटल सेवा के टेंडर अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी सुविधाएँ
चारधाम यात्रा 2026- हेली शटल सेवा के टेंडर अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी सुविधाएँ
किडनी स्टोन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर इलाज जरूरी
किडनी स्टोन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर इलाज जरूरी
पार्टी कार्यकर्ताओं संग हरिद्वार रवाना हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी
पार्टी कार्यकर्ताओं संग हरिद्वार रवाना हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने रुपये
‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने रुपये
नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, जल्द खुलेगा आम जनता के लिए
नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, जल्द खुलेगा आम जनता के लिए
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी

सार्वजनिक शौचालयों की उपलब्धता राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों का महत्वपूर्ण कर्तव्य- सुप्रीम कोर्ट

सार्वजनिक शौचालयों की उपलब्धता राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों का महत्वपूर्ण कर्तव्य- सुप्रीम कोर्ट

पुरुषों, महिलाओं, दिव्यांग व्यक्तियों और ट्रांसजेंडरों के लिए अलग-अलग शौचालय की सुविधा हो – सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि सार्वजनिक शौचालयों की उपलब्धता राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों का महत्वपूर्ण कर्तव्य है और यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाने की जरूरत है कि ऐसी सुविधाएं सभी के लिए सुलभ हों। उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाने की जरूरत है कि ऐसी सुविधाएं सभी के लिए सुलभ हों। एक वकील की दायर जनहित याचिका पर कई निर्देश जारी करते हुए शीर्ष अदालत ने सभी हाईकोर्ट, राज्य सरकारों व केंद्रशासित प्रदेशों से कहा कि वे देशभर के सभी न्यायालय परिसरों और न्यायाधिकरणों में पुरुषों, महिलाओं, दिव्यांग व्यक्तियों और ट्रांसजेंडरों के लिए अलग-अलग शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने कहा कि जन स्वास्थ्य सर्वोपरि है और पर्याप्त सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण से निजता की रक्षा होती है तथा महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए खतरा दूर होता है। हाईकोर्ट यह सुनिश्चित करें कि ये सुविधाएं न्यायाधीशों, वकीलों, वादियों और न्यायालय के कर्मचारियों के लिए स्पष्ट रूप से पहचान योग्य और सुलभ हों। पीठ ने कहा कि इस मकसद के लिए हर हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश की ओर से नामित न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी।

समिति के सदस्यों में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल/रजिस्ट्रार, मुख्य सचिव, पीडब्ल्यूडी सचिव और राज्य के वित्त सचिव, बार एसोसिएशन का एक प्रतिनिधि और कोई अन्य अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति छह सप्ताह की अवधि के अंदर गठित की जाएगी। पीठ ने देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजा के पास बने सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति पर भी चिंता जताई तथा कहा कि इनका रखरखाव बहुत कम होता है तथा ये सुलभ भी नहीं हैं।

पीठ ने समिति को एक व्यापक योजना तैयार करने और औसतन प्रतिदिन अदालतों में आने वाले व्यक्तियों की संख्या का आंकड़ा रखने तथा यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि पर्याप्त पृथक शौचालयों का निर्माण और रखरखाव किया जाए। यह शौचालय सुविधाओं की उपलब्धता, बुनियादी ढांचे में कमी और उनके रखरखाव के संबंध में एक सर्वेक्षण भी करेगा।

पीठ ने कहा कि राज्य सरकारें/संघ राज्य क्षेत्र न्यायालय परिसर में शौचालय सुविधाओं के निर्माण, रखरखाव और सफाई के लिए पर्याप्त धनराशि आवंटित करेंगे। इसकी हाईकोर्ट की ओर से गठित समिति के परामर्श से समय-समय पर समीक्षा की जाएगी। सभी हाईकोर्टों और राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों की ओर से चार महीने की अवधि के अंदर एक स्थिति रिपोर्ट दायर की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top