Headline
केंद्र सरकार विकास और सुशासन के लिए काम कर रही- अमित शाह
केंद्र सरकार विकास और सुशासन के लिए काम कर रही- अमित शाह
गिलगिट-बाल्टिस्तान के स्कार्दू में विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा, गोलीबारी में 38 लोगों की मौत
गिलगिट-बाल्टिस्तान के स्कार्दू में विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा, गोलीबारी में 38 लोगों की मौत
चारधाम यात्रा 2026- हेली शटल सेवा के टेंडर अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी सुविधाएँ
चारधाम यात्रा 2026- हेली शटल सेवा के टेंडर अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी सुविधाएँ
किडनी स्टोन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर इलाज जरूरी
किडनी स्टोन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर इलाज जरूरी
पार्टी कार्यकर्ताओं संग हरिद्वार रवाना हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी
पार्टी कार्यकर्ताओं संग हरिद्वार रवाना हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने रुपये
‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने रुपये
नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, जल्द खुलेगा आम जनता के लिए
नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, जल्द खुलेगा आम जनता के लिए
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी

तलाकशुदा मुस्लिम महिला भी सीआरपीसी के तहत अपने पूर्व पति से मांग सकेंगी गुजारा भत्ता, जानें क्या है CRPC की धारा 125

तलाकशुदा मुस्लिम महिला भी सीआरपीसी के तहत अपने पूर्व पति से मांग सकेंगी गुजारा भत्ता, जानें क्या है CRPC की धारा 125

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम महिलाओं के हित में बड़ा फैसला सुनाया है. इसके तहत अब मुस्लिम महिलाएं भी अपने पति के खिलाफ सीआरपीसी की धारा-125 के तहत अपने भरण-पोषण के लिए याचिका दायर कर पाएंगी. देश के सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले से उन मुस्लिम महिलाओं को बड़ी सहायता मिलेगी जिनका तालक हो चुका है और जो अकेले रहने के लिए मजबूर हैं.

बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच ने तेलंगाना के मुस्लिम व्यक्ति की याचिका को खारिज करते हुए ये फैसला लिया और कहा कि CrPC की धारा 125 देश की सभी महिलाओं के लिए लागू होती है, चाहे वे किसी भी धर्म से क्यों न हो. आपको बता दें कि तेलंगाना के एक व्यक्ति ने सीआरपीसी की धारा 125 में तलाकशुदा पत्नी को भरण-पोषण दिए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में आगे कहा गया कि अब मुस्लिम महिलाएं भी धारा 125 के तहत अपने भरण-पोषण के लिए गुजारा भत्ते की मांग कर सकेंगी.

CRPC की धारा 125 क्या कहती है?
CRPC की धारा 125 के उन लोगों को अधिकार प्रदान करती है जो कि खुद का भरण-पोषण करने में सक्षम नहीं हैं. इस धारा में पत्नियों, बच्चों और माता-पिता को अपने भरण-पोषण के लिए गुजारा भत्ता लेने के लिए अधिकार प्राप्त हैं. इस धारा के मुताबिक वो महिला जिसे उसके पति ने तलाक दे दिया है या फिर किसी वजह से महिला ने तलाक लिया है और वो फिर से शादी नहीं करती तो उसको अधिकार है कि वो अपने पूर्व पति से गुजारा भत्ता ले सकती है.

क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?
सुप्रीम कोर्ट इस फैसले को सुनाते हुए कहा कि CrPC की धारा 125 हर तरह से धर्मनिरपेक्ष है. चाहें कोई पति-पत्नी हिंदू हों या मुस्लिम, ईसाई हों या पारसी, ये प्रावधान सभी पर लागू हो सकता है. जिसमें ये माना गया कि मुस्लिम तलाकशुदा महिला CrPC की धारा 125 के तहत अपना भरण-पोषण मांगने की हकदार है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top