TEJAS BUZZ https://tejasbuzz.com National News Portal Sun, 06 Sep 2026 05:30:29 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 https://tejasbuzz.com/wp-content/uploads/2026/08/cropped-Tejas-Buzz-Logo-02-32x32.jpg TEJAS BUZZ https://tejasbuzz.com 32 32 मोहनलाल की नई फिल्म के टाइटल का हुआ एलान, पोस्टर भी किया जारी https://tejasbuzz.com/title-of-mohanlals-new-film-announced-poster-also-released/ Sun, 06 Sep 2026 05:30:29 +0000 https://tejasbuzz.com/title-of-mohanlals-new-film-announced-poster-also-released/

दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता मोहनलाल की अगली फिल्म को लेकर चल रहा इंतजार अब खत्म हो गया है। लंबे समय से अस्थायी नाम ‘L367’ से चर्चा में रही इस फिल्म के मेकर्स ने शनिवार को इसके आधिकारिक टाइटल से पर्दा उठा दिया। फिल्म का नाम ‘ऑपरेशन गंगा’ रखा गया है। टाइटल सामने आने के साथ ही फिल्म की कहानी को लेकर भी दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ गई है।

मोहनलाल ने पोस्टर के साथ किया ऐलान

फिल्म के आधिकारिक शीर्षक की घोषणा खुद मोहनलाल ने सोशल मीडिया के जरिए की। अभिनेता ने फिल्म का पोस्टर साझा करते हुए ‘ऑपरेशन गंगा’ के नाम का खुलासा किया। पोस्टर में किसी कलाकार का चेहरा नजर नहीं आता, बल्कि एक प्रभावशाली प्रतिमा, तलवार और ढाल के साथ फाइटर जेट की झलक दिखाई गई है।

पोस्टर के विजुअल्स से संकेत मिलता है कि फिल्म में देशभक्ति, सैन्य अभियान और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में किए गए मिशन को प्रमुखता दी जा सकती है।

मोहनलाल के साथ नजर आएंगे ये कलाकार

फिल्म का निर्देशन विष्णु मोहन कर रहे हैं। मोहनलाल के अलावा इसमें बॉलीवुड अभिनेता अर्जुन रामपाल और आदिल हुसैन भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे। फिल्म की स्टारकास्ट में भाग्यश्री भोरसे का नाम भी शामिल है।

फिल्म का निर्माण गोकुलम गोपालन अपने बैनर श्री गोकुलम मूवीज के तहत कर रहे हैं। प्रोजेक्ट में मलयालम सिनेमा के साथ बॉलीवुड और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकारों व तकनीकी टीम की भागीदारी बताई जा रही है।

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच हुए रेस्क्यू मिशन से जुड़ी कहानी

‘ऑपरेशन गंगा’ के टाइटल से साफ संकेत मिलता है कि फिल्म की कहानी भारत सरकार द्वारा चलाए गए एक बड़े रेस्क्यू मिशन से प्रेरित हो सकती है। रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक और छात्र यूक्रेन में फंस गए थे। उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए केंद्र सरकार ने ऑपरेशन गंगा चलाया था।

ऐसे में फिल्म में युद्धग्रस्त क्षेत्र से भारतीयों को सुरक्षित निकालने के दौरान सामने आई चुनौतियों और रेस्क्यू अभियान के रोमांचक पहलुओं को सिनेमाई अंदाज में दिखाए जाने की उम्मीद है।

फिल्म के आधिकारिक ऐलान के बाद अब दर्शकों की नजर इसकी रिलीज डेट, कहानी और अन्य किरदारों से जुड़ी जानकारी पर टिकी है।

(साभार)

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एमडीडीए का अवैध निर्माण पर शिकंजा, तीन निर्माण स्थल सील https://tejasbuzz.com/mdda-cracks-down-on-illegal-construction-seals-three-construction-sites/ Sun, 06 Sep 2026 04:50:25 +0000 https://tejasbuzz.com/mdda-cracks-down-on-illegal-construction-seals-three-construction-sites/

बिना स्वीकृत मानचित्र के चल रहे निर्माण पर बड़ी कार्रवाई, ऋषिकेश और देहरादून में भवन स्वामियों पर कसा शिकंजा

देहरादून। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र और नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण की टीम ने तीन अलग-अलग निर्माण स्थलों को सील कर दिया। कार्रवाई के बाद अनधिकृत निर्माण कराने वाले भवन स्वामियों में हड़कंप मचा हुआ है। एमडीडीए अधिकारियों ने साफ किया है कि नियमों की अनदेखी कर किए जा रहे निर्माण के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।

प्राधिकरण के अनुसार ऋषिकेश में रेलवे स्टेशन के निकट, पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पीछे, रेलवे रोड स्थित विनोद अग्रवाल के निर्माण स्थल पर व्यावसायिक दुकान के लिए छत डालने का कार्य किया जा रहा था। निर्माण कार्य के संबंध में प्राधिकरण द्वारा उत्तराखण्ड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम, 1973, यथा संशोधित, की सुसंगत धाराओं के तहत वाद दायर किया गया। प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए निर्माण स्थल को सील कर दिया गया।

इसी तरह देहरादून के माजरा क्षेत्र में मुस्कान होटल के पीछे शाहिद के निर्माण स्थल पर बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण किए जाने का मामला सामने आया। प्राधिकरण द्वारा मामले में वाद दायर करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की गई और मौके पर निर्माण स्थल को सील कर दिया गया।

वहीं, इसी क्षेत्र में शाहिद के एक अन्य निर्माण स्थल पर भी बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण किए जाने की शिकायत/प्रकरण सामने आया। जांच के बाद प्राधिकरण ने संबंधित प्रकरण में भी नियमानुसार कार्रवाई करते हुए स्थल को सील कर दिया।

स्वीकृत मानचित्र के बिना निर्माण पर सख्ती

एमडीडीए अधिकारियों का कहना है कि प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित विकास के लिए भवन निर्माण से पहले मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य है। स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण या बिना मानचित्र के निर्माण किए जाने पर संबंधित भवन स्वामी के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष एमडीडीए

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित एवं व्यवस्थित विकास के लिए भवन निर्माण से पहले स्वीकृत मानचित्र और निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है। बिना स्वीकृति अथवा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए जा रहे निर्माण को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण को प्राप्त शिकायतों के साथ-साथ निरीक्षण के दौरान सामने आने वाले अनधिकृत निर्माणों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

मोहन सिंह बर्निया, सचिव एमडीडीए

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण की ओर से अवैध एवं अनधिकृत निर्माणों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण करने वालों को किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की कार्रवाई का उद्देश्य शहर और प्राधिकरण क्षेत्र में नियोजित एवं नियमबद्ध विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने भवन स्वामियों से अपील की कि निर्माण शुरू करने से पहले मानचित्र स्वीकृत कराएं और निर्धारित मानकों का पालन करें। नियमों का उल्लंघन मिलने पर नोटिस, वाद दायर करने, सीलिंग सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।

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डीएम ने ईवीएम-वीवीपैट की सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, निर्धारित प्रोटोकॉल के पालन के निर्देश https://tejasbuzz.com/dm-reviews-security-arrangements-for-evms-and-vvpats-issues-instructions-to-adhere-to-prescribed-protocols/ Sun, 06 Sep 2026 04:33:20 +0000 https://tejasbuzz.com/dm-reviews-security-arrangements-for-evms-and-vvpats-issues-instructions-to-adhere-to-prescribed-protocols/

डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ ईवीएम वेयरहाउस का किया निरीक्षण

देहरादून। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ ईवीएम वेयरहाउस का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानकों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) एवं वीवीपैट मशीनों के सुरक्षित रख-रखाव, सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

जिलाधिकारी ने वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्वाचन आयोग के निर्धारित सभी मानकों एवं प्रोटोकॉल का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ईवीएम वेयरहाउस निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में ईवीएम एवं वीवीपैट की सुरक्षा, सुरक्षित रख-रखाव और निगरानी में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वेयरहाउस में रखी ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की सुरक्षा व्यवस्था के साथ प्रवेश एवं निकास व्यवस्था तथा संबंधित अभिलेखों का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को वेयरहाउस की नियमित निगरानी एवं निरीक्षण की प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसके लिए ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों का सुरक्षित रख-रखाव तथा निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता एवं सजगता के साथ निर्वहन करने को कहा।

निरीक्षण के दौरान उपस्थित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी निर्वाचन आयोग के निर्धारित प्रावधानों के तहत वेयरहाउस की सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। साथ ही निरीक्षण प्रक्रिया में उनकी सहभागिता सुनिश्चित की गई।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, ईवीएम नोडल दिनक रौतेला, तहसीलदार सदर सुरेंद्र देव, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र देवली सहित आम आदमी पार्टी के कमल राणा, बीजेपी के दौलतराम मकवाना आदि मौजूद थे।

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10 सितंबर को आईटीआई श्रीनगर में आयोजित होगा लघु रोजगार मेला https://tejasbuzz.com/a-mini-job-fair-will-be-held-at-iti-srinagar-on-september-10/ Sat, 05 Sep 2026 11:52:12 +0000 https://tejasbuzz.com/a-mini-job-fair-will-be-held-at-iti-srinagar-on-september-10/

लगभग 2000 रिक्त पदों पर रोजगार के अवसर, 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के अभ्यर्थी कर सकेंगे प्रतिभाग

पौड़ी- जनपद के युवक-युवतियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय, लैंसडाउन द्वारा 10 सितंबर 2026 को प्रातः 10 बजे से राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), श्रीनगर में लघु रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले में विभिन्न निजी कंपनियों द्वारा योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा तथा लगभग 2000 रिक्त पदों पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी लैंसडाउन अजय सिंह ने बताया कि रोजगार मेले में 10 से 15 कंपनियों के प्रतिभाग करने की संभावना है। इनमें एनटीटीटी, सीआईपीईटी, कैंप-108, एसआईएस इंडिया, आरएसपीएल, क्वेस कॉर्प लिमिटेड, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस एवं नील मेटल प्रोडक्ट सहित अन्य अधिष्ठान शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि रोजगार मेले में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, आईटीआई, स्नातक, बी.फार्मा, डी.फार्मा, एएनएम एवं जीएनएम शैक्षिक योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी प्रतिभाग कर सकते हैं। अभ्यर्थियों के लिए आयु सीमा 18 से 45 वर्ष निर्धारित की गयी है। साक्षात्कार में चयनित अभ्यर्थियों को पद एवं योग्यता के अनुसार लगभग 12 हजार से 40 हजार रुपये प्रतिमाह तक वेतन दिया जाएगा।

मेले में रोजगार के अवसरों के साथ अभ्यर्थियों को कौशल प्रशिक्षण, कैरियर काउंसलिंग एवं सेवायोजन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। इससे युवाओं को रोजगार के साथ अपने कौशल विकास एवं कैरियर निर्माण के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त होगा।

क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी ने जनपद के पात्र बेरोजगार युवक-युवतियों से शैक्षिक प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, बायोडाटा एवं पासपोर्ट आकार के फोटो साथ लेकर रोजगार मेले में प्रतिभाग करने की अपील की है, ताकि वे उपलब्ध रोजगार अवसरों का अधिकतम लाभ उठा सकें। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय द्वारा रोजगार मेले की जानकारी अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाने के लिए दूरभाष एवं इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। साथ ही, अन्य नियोजकों से संपर्क कर रोजगार के अवसर बढ़ाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

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महानिदेशक ने स्वास्थ्य महानिदेशालय की समीक्षा बैठक में समयबद्ध कार्य-निस्तारण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए कड़े निर्देश https://tejasbuzz.com/the-director-general-issued-strict-instructions-to-ensure-time-bound-disposal-of-work-and-accountability-during-a-review-meeting-at-the-directorate-general-of-health-services/ Sat, 05 Sep 2026 11:42:18 +0000 https://tejasbuzz.com/the-director-general-issued-strict-instructions-to-ensure-time-bound-disposal-of-work-and-accountability-during-a-review-meeting-at-the-directorate-general-of-health-services/

देहरादून। महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, डॉ. सुनीता टम्टा की अध्यक्षता में आज स्वास्थ्य महानिदेशालय में कार्यरत समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में महानिदेशालय के विभिन्न अनुभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा कार्यप्रणाली में आवश्यक सुधार, पारदर्शिता एवं समयबद्ध कार्य-निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

महानिदेशक ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि कार्यालय में प्राप्त किसी भी पत्रावली अथवा प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए तथा प्रत्येक प्रकरण का निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यों में अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी। यदि किसी प्रकरण के निस्तारण में विलंब पाया जाता है तो संबंधित अनुभाग के प्रभारी अधिकारी की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी तथा विलंब के कारणों का स्पष्ट उत्तरदायित्व तय किया जाएगा।

डॉ. सुनीता टम्टा ने संयुक्त निदेशक एवं सहायक निदेशक स्तर के अधिकारियों को अपने-अपने अनुभागों में संचालित कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा प्रत्येक लंबित प्रकरण की समीक्षा कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अपने अनुभागों की कार्यप्रणाली के प्रति पूर्ण जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा और किसी भी स्तर पर अनावश्यक लंबित प्रकरण नहीं रहना चाहिए।

बैठक में सूचना का अधिकार (RTI) अनुभाग के कार्यों की भी विशेष रूप से समीक्षा की गई। महानिदेशक ने निर्देश दिए कि RTI से संबंधित सभी प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से निस्तारण किया जाए, ताकि आवेदक/अपीलकर्ता को समय पर वांछित सूचना उपलब्ध हो सके।

कार्यालयीन अनुशासन एवं समयपालन सुनिश्चित करने के निर्देश

महानिदेशक ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्धारित कार्यालय समय में अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनधिकृत अनुपस्थिति अथवा विलंब से कार्यालय पहुंचने की स्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि एक प्रभावी एवं उत्तरदायी कार्यालय व्यवस्था के लिए समयपालन, अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही अत्यंत आवश्यक हैं। प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं गंभीरता से करना होगा।

महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आह्वान करते हुए कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा अनावश्यक विलंब न किया जाए। विभागीय कार्यों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निष्ठा, अनुशासन, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए।

बैठक में स्वास्थ्य महानिदेशालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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नैनीडांडा विकासखंड के शिक्षक गबर सिंह बिष्ट राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित https://tejasbuzz.com/gabar-singh-bisht-a-teacher-from-nainidanda-development-block-honored-with-the-national-teachers-award-2026/ Sat, 05 Sep 2026 11:02:17 +0000 https://tejasbuzz.com/gabar-singh-bisht-a-teacher-from-nainidanda-development-block-honored-with-the-national-teachers-award-2026/

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विज्ञान भवन में प्रदान किया राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान, विद्यालयी शिक्षा में उत्तराखंड से इस वर्ष रहे एकमात्र सम्मानित शिक्षक

पौड़ी- राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के उत्कृष्ट शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 प्रदान किए। उत्तराखंड के लिए यह गौरव का विषय है कि पौड़ी जिले के नैनीडांडा विकासखंड स्थित राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुस्याखाँद के प्रधानाध्यापक गबर सिंह बिष्ट को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में इस वर्ष उत्तराखंड से वह एकमात्र शिक्षक हैं, जिन्हें यह राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है।

गबर सिंह बिष्ट वर्ष 2003 से लगातार राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुस्याखाँद में निष्ठापूर्वक सेवाएं दे रहे हैं और वर्तमान में विद्यालय के प्रधानाध्यापक के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। दूरस्थ क्षेत्र में रहते हुए उन्होंने विद्यार्थियों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए निरंतर नवाचारों को अपनाया। गणित एवं विज्ञान जैसे विषयों को सरल एवं रुचिकर ढंग से समझाने के साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी बेहतर मार्गदर्शन दिया। उनके मार्गदर्शन में विद्यालय के विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में उपलब्धियां प्राप्त की हैं।

गबर सिंह बिष्ट ने शिक्षण कार्य में डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं आईसीटी का प्रभावी उपयोग किया। उन्होंने ई-कंटेंट एवं पीपीटी तैयार करने के साथ प्रोजेक्टर, डिजिटल बोर्ड और गूगल मीट जैसे तकनीकी माध्यमों का उपयोग कर विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़े रखा। कोरोना काल में भी उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से विद्यार्थियों की पढ़ाई को निरंतर जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ-साथ उन्होंने अवसंरचना विकास एवं शैक्षिक नवाचारों पर भी विशेष ध्यान दिया। तकनीकी एवं शैक्षिक नवाचारों के प्रति उनकी सक्रियता और शिक्षण के प्रति समर्पण ने उन्हें दूरस्थ क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए निरंतर बेहतर शैक्षिक वातावरण तैयार करने में सक्षम बनाया है।

गबर सिंह बिष्ट को इससे पूर्व राज्यपाल पुरस्कार एवं शैलेश मटियानी पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए उनका चयन उनके शिक्षण, विद्यालय प्रबंधन, नवाचार, आईसीटी के उपयोग, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन तथा शिक्षा के क्षेत्र में समग्र योगदान के आधार पर हुआ है।

मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना ने गबर सिंह बिष्ट को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि कोरोना काल जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से विद्यार्थियों तक शिक्षा पहुंचाने का सराहनीय कार्य किया। दूरस्थ क्षेत्र में रहकर भी शिक्षा के प्रति उनका निरंतर समर्पण अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय है। उन्होंने जनपद के शिक्षकों से नवाचार एवं तकनीकी माध्यमों का प्रभावी उपयोग करते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गबर सिंह बिष्ट की उपलब्धि न केवल पौड़ी जनपद बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है। शिक्षकों के समर्पित प्रयासों और सकारात्मक नवाचारों से विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिलते हैं तथा उनके भविष्य को नयी दिशा मिलती है।

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आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा https://tejasbuzz.com/dm-cracks-down-on-stray-animals-a-survey-will-be-conducted-and-all-data-uploaded-to-the-portal/ Sat, 05 Sep 2026 10:36:50 +0000 https://tejasbuzz.com/dm-cracks-down-on-stray-animals-a-survey-will-be-conducted-and-all-data-uploaded-to-the-portal/

एबीसी-एआरवी कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के निर्देश, पालतू श्वानों का अनिवार्य पंजीकरण कराने पर जोर

देहरादून। मा. उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में एबीसी-एआरवी कार्यक्रम तथा निराश्रित एवं पालतू गोवंशीय पशुओं के प्रभावी प्रबंधन को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शनिवार को अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने नगर निकायों को आवारा पशुओं एवं श्वानों की संख्या का विस्तृत सर्वेक्षण कर समग्र डेटा तैयार करने और उसे पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रमाणिक डेटा के आधार पर आवारा श्वानों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से बंध्याकरण, टीकाकरण एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

जिलाधिकारी ने एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) एवं एंटी रेबीज वैक्सीनेशन (एआरवी) अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश देते हुए कहा कि पालतू कुत्तों का अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराया जाए। उन्होंने डोईवाला, विकासनगर और ऋषिकेश में श्वानों के बंध्याकरण एवं शल्य चिकित्सा के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा।

सड़कों पर गोवंश छोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने सभी नगर निकायों को सड़कों पर विचरण कर रहे निराश्रित गोवंश के संरक्षण एवं प्रबंधन के लिए तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निराश्रित गोवंश को तत्काल कांजीहाउस में पहुंचाकर उनकी समुचित देखभाल सुनिश्चित की जाए। साथ ही सड़कों पर गोवंश को लावारिस छोड़ने वाले लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

55 हजार से अधिक स्ट्रीट डॉग का बंध्याकरण
बैठक में सीनियर वेटरनरी ऑफिसर डॉ. वरुण अग्रवाल ने बताया कि देहरादून नगर निगम क्षेत्र में अब तक 55,487 स्ट्रीट डॉग का बंध्याकरण किया जा चुका है। वर्तमान में 72 डॉग केनल बनाए गए हैं, जबकि 144 केनल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इनके पूरा होने के बाद करीब 300 श्वानों को रखने की क्षमता उपलब्ध हो जाएगी। नगर निगम क्षेत्र में निराश्रित श्वानों के लिए वर्तमान में 25 डॉग फीडिंग स्पॉट बनाए गए हैं, जबकि पालतू श्वानों के 1,117 लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं।

883 निराश्रित गोवंश कांजीहाउस में संरक्षित
निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए केदारपुरम स्थित कांजीहाउस में वर्तमान में 347 गोवंशीय पशुओं की देखभाल की जा रही है। वहीं सेलाकुई के शंकरपुर स्थित कांजीहाउस में 536 पशु रखे गए हैं। निराश्रित पशुओं को पकड़ने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) के साथ चार पशुवाहन तैनात किए गए हैं। बैठक में यह भी बताया गया कि नगर निगम देहरादून क्षेत्र में मार्च 2026 से अब तक 109 बंदरों को पकड़कर सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ा गया है।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, सीनियर वेटरनरी ऑफिसर डॉ. वरुण अग्रवाल, एमएनए विजय नाथ शुक्ल सहित सभी नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे।

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देश में बढ़ रहा स्वाइन फ्लू का खतरा, बुखार नहीं तो भी इन संकेतों पर रहें अलर्ट https://tejasbuzz.com/rising-threat-of-swine-flu-in-the-country-stay-alert-to-these-signs-even-in-the-absence-of-fever/ Sat, 05 Sep 2026 10:05:45 +0000 https://tejasbuzz.com/rising-threat-of-swine-flu-in-the-country-stay-alert-to-these-signs-even-in-the-absence-of-fever/

देश के कई हिस्सों में इन दिनों इन्फ्लुएंजा-ए के H1N1 वायरस को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आ रहे हैं। अगस्त के अंत तक दिल्ली में संक्रमितों का आंकड़ा 3200 के पार पहुंच गया था, जबकि उत्तर प्रदेश में 2 सितंबर तक H1N1 के 685 मामलों की प्रयोगशाला जांच में पुष्टि हो चुकी थी। कुछ राज्यों में संक्रमण से मौत के मामले भी सामने आए हैं।

हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादातर मरीजों में संक्रमण के लक्षण हल्के होते हैं और घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, डायबिटीज के मरीजों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में फ्लू ज्यादा परेशानी पैदा कर सकता है।

सिर्फ तेज बुखार को न मानें फ्लू का संकेत

स्वाइन फ्लू का नाम आते ही आमतौर पर तेज बुखार, खांसी और बदन दर्द जैसे लक्षण ध्यान में आते हैं। लेकिन H1N1 संक्रमण की पहचान केवल बुखार के आधार पर नहीं की जा सकती। कई मामलों में व्यक्ति को बुखार नहीं होता, फिर भी वह इन्फ्लुएंजा से संक्रमित हो सकता है।

अमेरिकी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार कुछ लोगों में फ्लू से जुड़े सांस संबंधी लक्षण बुखार के बिना भी दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में लगातार खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द और असामान्य थकान जैसे संकेतों को सामान्य सर्दी-जुकाम समझकर टालना ठीक नहीं है।

हर मरीज में एक जैसे लक्षण नहीं होते

H1N1 संक्रमण के लक्षण व्यक्ति की उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के हिसाब से अलग-अलग हो सकते हैं। बुजुर्गों में फ्लू होने के बावजूद बुखार न आना संभव है। ऐसे मरीजों में भूख कम लगना, कमजोरी या अन्य सामान्य लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

वहीं बच्चों में सांस से जुड़े लक्षणों के साथ उल्टी और दस्त जैसी परेशानियां भी देखने को मिल सकती हैं। इसलिए केवल किसी एक लक्षण की मौजूदगी या अनुपस्थिति से H1N1 संक्रमण की पुष्टि नहीं की जा सकती।

लक्षण दिखने पर खुद से न करें बीमारी का अनुमान

फैमिली फिजिशियन डॉ. अरविंद डबास के मुताबिक खांसी, गले में खराश, नाक बंद होना और थकान जैसे लक्षण केवल फ्लू में ही नहीं, बल्कि कई दूसरे सांस संबंधी संक्रमणों में भी हो सकते हैं। ऐसे में सिर्फ लक्षणों के आधार पर यह तय करना मुश्किल है कि मरीज H1N1 से संक्रमित है या नहीं।

जरूरत पड़ने पर डॉक्टर फ्लू की पुष्टि के लिए जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। इसके लिए रैपिड फ्लू टेस्ट के अलावा मॉलिक्यूलर टेस्ट भी उपलब्ध हैं। मॉलिक्यूलर टेस्ट वायरस के आनुवंशिक पदार्थ यानी वायरल RNA की पहचान करता है और आमतौर पर रैपिड एंटीजन टेस्ट की तुलना में ज्यादा संवेदनशील माना जाता है।

हालांकि प्रत्येक मरीज के लिए जांच जरूरी नहीं होती। डॉक्टर मरीज के लक्षण, संक्रमण के संपर्क में आने की संभावना और उसकी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए जांच की जरूरत तय करते हैं।

सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत लें डॉक्टर की सलाह

विशेषज्ञों के मुताबिक बुखार न होने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को फ्लू नहीं हो सकता। खासतौर पर बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में बिना बुखार के भी इन्फ्लुएंजा संक्रमण हो सकता है। कुछ मामलों में संक्रमण गंभीर रूप भी ले सकता है।

यदि फ्लू जैसे लक्षण तेजी से बढ़ रहे हों, सांस लेने में परेशानी हो, अत्यधिक कमजोरी महसूस हो या हालत बिगड़ती नजर आए तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। कुछ मरीजों में डॉक्टर की सलाह पर एंटीवायरल दवाओं का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

संक्रमण फैलने के खतरे को भी समझें

H1N1 को लेकर एक महत्वपूर्ण बात यह है कि संक्रमित व्यक्ति को बीमारी का स्पष्ट पता चलने से पहले भी वायरस दूसरों तक पहुंच सकता है। संक्रमण के शुरुआती दिनों में इसके फैलने की संभावना अधिक रहती है।

इसलिए फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर केवल बुखार का इंतजार करना सही रणनीति नहीं है। खांसी, गले में खराश, नाक संबंधी परेशानी और असामान्य थकान जैसे संकेतों पर भी ध्यान दें और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लें।

नोट: यह लेख उपलब्ध मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की राय के आधार पर तैयार किया गया है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न माना जाए।

(साभार)

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‘मिर्जापुर द मूवी’ ने सिनेमाघरों में मचाई धूम, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये https://tejasbuzz.com/mirzapur-the-movie-creates-a-buzz-in-theatres-heres-how-many-crores-the-film-earned-on-its-opening-day/ Sat, 05 Sep 2026 06:53:02 +0000 https://tejasbuzz.com/mirzapur-the-movie-creates-a-buzz-in-theatres-heres-how-many-crores-the-film-earned-on-its-opening-day/

लंबे समय से जिस फिल्म का दर्शकों को इंतजार था, वह आखिरकार सिनेमाघरों में पहुंच गई है। ‘मिर्जापुर द मूवी’ ने रिलीज के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है। जन्माष्टमी के मौके पर रिलीज हुई इस फिल्म को लेकर पहले से बना माहौल अब कमाई के आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है। फिल्म ने ओपनिंग डे पर अच्छी कमाई करते हुए 24.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है।

फिल्म की रिलीज को लेकर दर्शकों के बीच खासा उत्साह देखने को मिला। ‘मिर्जापुर’ फ्रेंचाइजी की लोकप्रियता का फायदा फिल्म को पहले दिन ही मिलता नजर आया। पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु और रवि किशन जैसे चर्चित कलाकारों की मौजूदगी ने दर्शकों की दिलचस्पी और बढ़ाई है।

फिल्म में एक बार फिर फ्रेंचाइजी के पुराने और पसंदीदा किरदारों की वापसी हुई है। यही वजह है कि रिलीज से पहले ही फिल्म को लेकर सोशल मीडिया से लेकर सिनेमाघरों तक जबरदस्त चर्चा बनी हुई थी। अब शुरुआती कलेक्शन ने मेकर्स की उम्मीदों को भी मजबूती दी है।

‘हनुमान अंश’ का जलवा जारी

वहीं दूसरी ओर ‘हनुमान अंश’ भी बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ बनाए हुए है। फिल्म ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए ‘टॉक्सिक’ को काफी पीछे छोड़ दिया है। इसके अलावा शुक्रवार को ‘इरुमुडी’ की कमाई में भी बढ़ोतरी देखने को मिली।

अब वीकेंड पर ‘मिर्जापुर द मूवी’ की कमाई में कितना उछाल आता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। शुरुआती आंकड़ों को देखते हुए फिल्म के निर्माताओं को शनिवार और रविवार से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।

(साभार )

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शिक्षक नई पीढ़ी के मार्गदर्शक, राष्ट्र एवं समाज निर्माण में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है- सीएम धामी https://tejasbuzz.com/teachers-are-guides-for-the-new-generation-they-play-a-vital-role-in-nation-building-and-shaping-society-cm-dhami/ Sat, 05 Sep 2026 06:10:26 +0000 https://tejasbuzz.com/teachers-are-guides-for-the-new-generation-they-play-a-vital-role-in-nation-building-and-shaping-society-cm-dhami/

शिक्षक दिवस पर सीएम धामी ने डॉ. राधाकृष्णन को किया नमन

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति ‘भारत रत्न’ डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनका भावपूर्ण स्मरण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जीवन भारतीय शिक्षा, संस्कृति और मानवीय मूल्यों का प्रेरणास्रोत है। उनका व्यक्तित्व एवं कृतित्व आज भी शिक्षकों और विद्यार्थियों को प्रेरित करता है।

मुख्यमंत्री ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक नई पीढ़ी को ज्ञान, संस्कार और जीवन-मूल्यों से समृद्ध कर उन्हें सही दिशा प्रदान करते हैं। राष्ट्र एवं समाज निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

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