TEJAS BUZZ https://tejasbuzz.com National News Portal Wed, 22 Jul 2026 11:44:05 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 https://tejasbuzz.com/wp-content/uploads/2022/12/fav.png TEJAS BUZZ https://tejasbuzz.com 32 32 ‘‘मुख्यमंत्री ने किया ‘सेवा विधि‘ पुस्तक का विमोचन‘‘ https://tejasbuzz.com/chief-minister-releases-seva-vidhi-book/ Wed, 22 Jul 2026 11:44:05 +0000 https://tejasbuzz.com/?p=27114

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में पूर्व अपर सचिव आर.सी. लोहनी द्वारा लिखित पुस्तक ‘सेवा विधि‘ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने पुस्तक को अत्यन्त उपयोगी बताते हुए इस प्रयास के लिए श्री लोहनी के प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी सेवा में नियुक्त प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का कर्तव्य होता है कि वह सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और पूरे समर्पण के साथ राज्य के विकास में अपनी सहभागिता निभाए। किन्तु किसी भी व्यवस्था को सुचारू, सरल और त्वरित रूप से चलाने के लिए नियमों और प्रक्रियाओं की सही जानकारी होना अनिवार्य है। उत्तराखंड राज्य बनने के बाद अब तक ऐसी कोई पुस्तक उपलब्ध नहीं थी, जिसमें सरकारी सेवा से जुड़े नियम, संवैधानिक प्रावधान, शासनादेश और माननीय न्यायालयों के महत्वपूर्ण निर्णय एक ही स्थान पर सरल और व्यवस्थित रूप में मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मात्र एक पुस्तक नहीं है, बल्कि हमारे प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक व्यवहारिक मार्गदर्शिका है, जो उन्हें अपने सेवाकाल में हर कदम पर सही दिशा और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करने का काम करेगी। सरकारी नौकरी को सेवा इसलिए कहा जाता है क्योंकि जब कोई व्यक्ति सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करता है, तो उसका हर निर्णय सीधे तौर पर समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई अधिकारी या कर्मचारी किसी नागरिक की समस्या का समाधान करता है, किसी गरीब को उसका अधिकार दिलाता है, किसी किसान, महिला, युवा या बुजुर्ग तक सरकारी योजना का लाभ पहुँचाता है, तब वो वास्तव में राष्ट्रसेवा ही कर रहा होता है। इसीलिए एक लोकसेवक के लिए केवल ईमानदारी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नियमों, कानूनों और प्रक्रियाओं की गहरी समझ भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों, सेवा नियमों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की स्पष्ट समझ प्रदान करेगी, जिससे वे अधिक आत्मविश्वास और दक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आज उत्तराखंड तेजी से विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। हमारी सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। हमने शासन व्यवस्था में तकनीक का व्यापक उपयोग किया है, प्रक्रियाओं को सरल बनाया है तथा निर्णय लेने की गति को बढ़ाया है। किसी भी राज्य का विकास केवल योजनाओं या बजट से नहीं होता। उसका सबसे बड़ा आधार होता है, एक संवेदनशील, सक्षम और उत्तरदायी प्रशासनिक तंत्र। सरकार की नीतियाँ तभी सफल होती हैं, जब उन्हें धरातल पर ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ लागू किया जाए। इसलिए हमारी प्रशासनिक व्यवस्था जितनी सक्षम होगी, जनता का विश्वास भी उतना ही मजबूत होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं अनुभव किया है कि कुछ अधिकारी ऐसे होते हैं, जो नियमों की आत्मा को समझते हैं। वे नियमों को बाधा नहीं बनने देते, बल्कि उन्हीं नियमों के भीतर जनहित का रास्ता खोज लेते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल नियमों का पालन करना ही नहीं, बल्कि जनता का जीवन सरल बनाना है। नियम व्यवस्था बनाए रखने के लिए होते हैं, लेकिन उनका अंतिम उद्देश्य जनकल्याण होना चाहिए। जनता जब किसी समस्या को लेकर अधिकारियों के पास आती है, तो वो बहुत उम्मीद और विश्वास के साथ आती है। ऐसे में आपकी कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए कि उन्हें त्वरित, सुलभ और पारदर्शी न्याय मिले, क्योंकि हमारी सरकार का मूल मंत्र बिल्कुल स्पष्ट है-‘सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि‘। हमें हर प्रक्रिया का सरलीकरण करना है, समस्याओं का स्थायी समाधान निकालना है, फाइलों का समयबद्ध निस्तारण करना है और जनता के चेहरे पर संतुष्टि लानी है, जिससे हम उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को पूर्ण करने में सफल हो सकें।

पुस्तक के लेखक आर.सी. लोहनी ने कहा कि इस पुस्तक के माध्यम से सरकारी सेवाओं में संवैधानिक व्यवस्थाओं, अधिनियमों, नियमों, विनियमों एवं शासनादेशों तथा मा. उच्चतम न्यायालय तथा मा० उच्च न्यायालयों द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतो को ध्यान में रखा गया है। इस पुस्तक में मुख्य रूप से संवैधानिक व्यवस्थाओं एवं उनके क्रम में नियुक्ति, आरक्षण, परिवीक्षा, स्थायीकरण, ज्येष्ठता, पदोन्नति स्थानान्तरण, मृतक सरकारी सेवकों के आश्रित एवं सेवायोजन, निलंबन, अनुशासनात्मक कार्यवाही, जांच अधिकारी का दायित्व, शास्ति, शास्ति के विरूद्ध अपील, अस्थाई सरकारी कर्मचारी सेवा समाप्ति त्यागपत्र, स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति. अनिवार्य सेवा निवृत्ति, राज्य कर्मचारी आचरण, सेवानिवृत्ति के उपरांत जाच कार्यवाही, सरकारी सेवा के दौरान किये गये आपराधिक कृत्य पर अभियोजन, अवकाश के सम्बन्ध में नियम, राजभाषा अधिनियम, धारणाधिकार से सम्बन्धित सेवानियमों, नियमों, अधिनियमो तथा विनियमों एवं मा. उच्चतम न्यायालय तथा मा० उच्च न्यायालयों द्वारा समय-समय पर दिये गये निर्णयों का सार इस पुस्तक में सम्मिलित किया गया है, जो कि सरकारी अधिकारियो-कर्मचारियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, पूर्व अपर सचिव भूपेश तिवारी, जी.बी. ओली, रमेशचन्द्र शर्मा , हन्सादत्त पाण्डेय, पूर्व संयुक्त सचिव नवीन सिंह तडानी सहित डॉ. डी.एस. रावत, कर्नल(से.नि.) शिव सहरावत, वैज्ञानिक(से.नि.) पी.सी.वर्मा, उपायुक्त परिवहन सुनील शर्मा, अनुभाग अधिकारी दीपक जोशी, रणधीर अरोड़ा, पूरन सिंह रावत, अश्विनी सिंह नेगी, आर.सी.एस. बिष्ट, विकास श्रीवास्तव एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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पटेलनगर क्षेत्र में कैफे के बाहर हुई फायरिंग का दून पुलिस ने किया खुलासा, आरोपी गिरफ्तार https://tejasbuzz.com/doon-police-revealed-the-firing-outside-the-cafe-in-patelnagar-area-accused-arrested/ Wed, 22 Jul 2026 11:22:57 +0000 https://tejasbuzz.com/?p=27111

अभियुक्त के कब्जे से घटना में प्रयुक्त पिस्टल 32 बोर व 03 जिंदा कारतूस हुए बरामद

देहरादून। देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में फायरिंग की घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई 32 बोर की पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि फायरिंग की घटना डेढ़ लाख रुपये के लेनदेन को लेकर हुए विवाद का नतीजा थी।

पुलिस के अनुसार, 19 जुलाई 2026 को रामनगर मकदूमपुर, झबरेड़ा (हरिद्वार) निवासी सन्नी चौधरी ने पटेलनगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि दून मेडिकल कॉलेज के पास स्थित स्वास्तिक कैफे के बाहर शुभम और युवराज ने उस पर जान से मारने की नीयत से पिस्टल से फायर किया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर आरोपियों की तलाश शुरू की।

लगातार प्रयासों के बाद 21 जुलाई को पुलिस ने मुख्य आरोपी शुभम पंवार को चंद्रबनी चौक से चंद्रबनी की ओर जाने वाले मार्ग से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से घटना में प्रयुक्त 32 बोर की पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका और शिकायतकर्ता का करीब डेढ़ लाख रुपये का लेनदेन था। दोनों पहले अच्छे दोस्त थे, लेकिन पैसों के विवाद के कारण रिश्ते बिगड़ गए थे। आरोपी के मुताबिक, वह कई बार विवाद सुलझाने की कोशिश करता रहा, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। घटना वाले दिन उसे पता चला कि शिकायतकर्ता उसके एक दोस्त के पीजी हॉस्टल के पास मौजूद है। वह बातचीत के इरादे से वहां पहुंचा, लेकिन कहासुनी बढ़ने पर गुस्से में उसने पिस्टल से फायर कर दिया। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों के हस्तक्षेप के कारण गोली शिकायतकर्ता को नहीं लगी और वह मौके से फरार हो गया।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि मामले में नामजद दूसरे आरोपी की तलाश जारी है।

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उत्तराखण्ड में बनेगा संस्कृत आयोग, सरकार ने मांगे सुझाव https://tejasbuzz.com/sanskrit-commission-will-be-formed-in-uttarakhand-government-asked-for-suggestions/ Wed, 22 Jul 2026 10:38:34 +0000 https://tejasbuzz.com/?p=27108

देहरादून। उत्तराखण्ड सरकार, राज्य में संस्कृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन और आधुनिक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखण्ड संस्कृत आयोग के गठन की तैयारी कर रही है। आयोग के गठन को व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए देशभर के संस्कृत विद्वानों, शिक्षकों, शोधार्थियों, विश्वविद्यालयों, गुरुकुलों, संस्कृत संस्थानों तथा संस्कृत प्रेमियों से सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं। इच्छुक व्यक्ति और संस्थान 10 अगस्त 2026 तक ई-मेल के माध्यम से अपने सुझाव भेज सकते हैं।

संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार ने बताया कि उत्तराखण्ड ने वर्ष 2010 में संस्कृत को राज्य की द्वितीय राजभाषा का दर्जा देकर देश में नई पहल की थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिसंबर 2025 में हरिद्वार में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन में संस्कृत के संरक्षण और उसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उच्चस्तरीय संस्कृत आयोग बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया था। इसी के बाद 15 जुलाई 2026 को सचिवालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में आयोग के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

प्रस्तावित आयोग संस्कृत शिक्षा, शोध, प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण, भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक एवं शास्त्रीय अध्ययन, संस्कृत आधारित कौशल विकास और रोजगार, प्रशासन तथा तकनीकी क्षेत्रों में संस्कृत के उपयोग के साथ-साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल माध्यमों में संस्कृत की संभावनाओं पर भी कार्य करेगा। आयोग संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए दीर्घकालिक नीतियां और कार्ययोजनाएं तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

देवभूमि उत्तराखण्ड की पहचान उसकी समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से है, जिसमें संस्कृत का विशेष स्थान है। संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की आधारशिला है। राज्य सरकार इसे जन-जन तक पहुंचाने और समय के अनुरूप नई पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

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कम उम्र में बढ़ रहा दिल की बीमारियों का खतरा, जानिए कौन-सी आदतें बन रही हैं वजह https://tejasbuzz.com/the-risk-of-heart-diseases-is-increasing-at-a-young-age-know-which-habits-are-becoming-the-reason/ Wed, 22 Jul 2026 10:29:15 +0000 https://tejasbuzz.com/?p=27105

आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में हृदय रोग केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गए हैं। बदलती जीवनशैली, अनियमित खान-पान और बढ़ते तनाव के कारण कम उम्र के लोगों में भी हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर और कार्डियक अरेस्ट के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते दैनिक आदतों में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में युवाओं में हृदय संबंधी बीमारियां और तेजी से बढ़ सकती हैं।

डॉक्टरों के अनुसार, आनुवंशिक कारणों के अलावा हमारी रोजमर्रा की कई गलत आदतें दिल को नुकसान पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाती हैं। घंटों बैठे रहना, जंक फूड का अधिक सेवन, धूम्रपान, पर्याप्त नींद न लेना और शारीरिक गतिविधियों की कमी धीरे-धीरे हृदय की कार्यक्षमता को प्रभावित करती है। यही वजह है कि विशेषज्ञ कम उम्र से ही हार्ट हेल्थ पर ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, दुनियाभर में सबसे अधिक मौतें हृदय रोगों के कारण होती हैं। भारत में भी बदलती जीवनशैली, मोटापा, तनाव और डायबिटीज जैसी समस्याओं ने हृदय रोगों का खतरा बढ़ा दिया है। ऐसे में समय रहते सावधानी बरतना बेहद जरूरी हो गया है।

बढ़ रहा है हृदय रोगों का खतरा

विशेषज्ञ बताते हैं कि दिल पूरे शरीर में रक्त पहुंचाने का काम करता है। लेकिन जब धमनियों में कोलेस्ट्रॉल और फैट जमा होने लगता है या ब्लड प्रेशर लगातार बढ़ा रहता है, तो हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि कई बार ये समस्याएं लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के विकसित होती रहती हैं।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के एक अध्ययन में भी सामने आया है कि भारत के अधिकांश वयस्कों में कोलेस्ट्रॉल या रक्त में फैट का कम से कम एक स्तर सामान्य सीमा से बाहर पाया गया, जो भविष्य में हृदय रोगों का कारण बन सकता है।

किन आदतों से बढ़ता है खतरा?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ सामान्य दिखने वाली आदतें धीरे-धीरे दिल को कमजोर कर सकती हैं।

लंबे समय तक बैठे रहना: लगातार कुर्सी पर बैठकर काम करने से शरीर की कैलोरी कम खर्च होती है, जिससे मोटापा, हाई ब्लड शुगर और बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने लगता है। इससे हृदय रोगों का जोखिम बढ़ सकता है।

जंक और प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन: पिज्जा, बर्गर, पैकेट वाले स्नैक्स और तले-भुने खाद्य पदार्थों में नमक, चीनी और अनहेल्दी फैट अधिक होता है। इनका नियमित सेवन ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल दोनों को बढ़ा सकता है।

तंबाकू और धूम्रपान: सिगरेट या किसी भी रूप में तंबाकू का सेवन रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। इससे रक्त प्रवाह प्रभावित होता है और दिल को अधिक मेहनत करनी पड़ती है।

व्यायाम की कमी: नियमित शारीरिक गतिविधि न करने से मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज का खतरा बढ़ता है। रोजाना कम से कम 30 मिनट की हल्की या मध्यम एक्सरसाइज दिल को स्वस्थ रखने में मदद करती है।

लगातार तनाव: लंबे समय तक मानसिक तनाव रहने से स्ट्रेस हार्मोन बढ़ते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और हृदय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

पर्याप्त नींद न लेना: रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद न मिलने पर हार्मोन का संतुलन बिगड़ सकता है। इससे मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

नियमित जांच भी है जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं अक्सर बिना किसी लक्षण के विकसित होती हैं। इसलिए समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना जरूरी है। जिन लोगों के परिवार में हृदय रोग का इतिहास रहा है, उन्हें डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्टों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।

(साभार)

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‘टॉक्सिक’ का नया गाना ‘मदहोश’ हुआ रिलीज, यश और तारा सुतारिया की केमिस्ट्री ने जीता दिल https://tejasbuzz.com/toxics-new-song-madhosh-released-yash-and-tara-sutarias-chemistry-wins-hearts/ Wed, 22 Jul 2026 09:53:11 +0000 https://tejasbuzz.com/?p=27102

साउथ सुपरस्टार यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक’ रिलीज से पहले लगातार चर्चा में बनी हुई है। फिल्म के ट्रेलर और पहले गाने के बाद अब मेकर्स ने इसका दूसरा रोमांटिक ट्रैक ‘मदहोश’ जारी कर दिया है। रिलीज होते ही यह गाना सोशल मीडिया और म्यूजिक प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। गाने में यश के साथ तारा सुतारिया की रोमांटिक केमिस्ट्री दर्शकों का ध्यान खींच रही है।

‘मदहोश’ को गायक सिद्धार्थ बसरूर ने अपनी आवाज दी है, जबकि इसका संगीत तनिष्क बागची, फहीम अब्दुल्ला और अरसलान निजामी ने तैयार किया है। गाने के बोल अरसलान निजामी और सैयद मुराद गिलानी ने लिखे हैं। मधुर धुन और आकर्षक विजुअल्स की वजह से यह ट्रैक दर्शकों को खूब पसंद आ रहा है।

करीब 3 मिनट 14 सेकंड लंबे इस वीडियो सॉन्ग में यश के किरदार राया और तारा सुतारिया के किरदार रिबेका के रिश्ते की अलग-अलग झलक दिखाई गई है। गाने में दोनों के बीच पहली मुलाकात, प्यार, रोमांस और रिश्ते में आने वाले उतार-चढ़ाव को खूबसूरती से फिल्माया गया है। वीडियो में कियारा आडवाणी और नयनतारा की झलक भी देखने को मिलती है, जिससे फिल्म को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है।

इससे पहले फिल्म का पहला गाना ‘तबाही’ रिलीज हुआ था, जिसमें यश और कियारा आडवाणी की जोड़ी को दर्शकों ने खूब सराहा था। अब ‘मदहोश’ के रिलीज होने के बाद फिल्म के संगीत को लेकर भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।

‘टॉक्सिक’ का निर्देशन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक गीतू मोहनदास ने किया है। फिल्म में यश के अलावा नयनतारा, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह फिल्म 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। कन्नड़ और अंग्रेजी में शूट की गई इस फिल्म को हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम सहित कई भाषाओं में रिलीज किया जाएगा।

(साभार)

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एकल महिला स्वरोजगार योजना: 212 नई महिलाओं को मिली सहायता राशि, 276 को जारी हुई दूसरी किस्त https://tejasbuzz.com/single-women-self-employment-scheme-212-new-women-received-assistance-second-installment-released-to-276/ Wed, 22 Jul 2026 09:35:48 +0000 https://tejasbuzz.com/?p=27099

देहरादून। मुख्य सेवक सदन, कैंट रोड में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के द्वितीय चरण में 212 महिलाओं को सहायता राशि की पहली किस्त जारी की गई। इसके अतिरिक्त 276 लाभार्थियों को दूसरी किस्त के रूप में एक करोड़ 20 लाख रुपए से अधिक दिए गए।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की एकल, निराश्रित, परित्यक्ता एवं विधवा महिलाओं को उनके गांव व क्षेत्र में ही स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाना और उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य की एकल व निराश्रित महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना हमारी सरकार की प्राथमिक प्रतिबद्धता है। मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाएं अपने ही क्षेत्र में रोजगार अपनाकर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने योजना की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना प्रदेश की महिलाओं के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार लाने में मील का पत्थर साबित हो रही है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि आज द्वितीय चरण के अंतर्गत 8 जनपदों की 212 पात्र महिलाओं को स्वरोजगार हेतु प्रथम किस्त के रूप में सहायता राशि स्वीकृत कर दी गई है। इसके साथ ही, पूर्व में लाभान्वित 276 महिलाओं को सहायता राशि की दूसरी किस्त भी जारी की गई है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि हमारी सरकार कृषि, पशुपालन, ब्यूटी पार्लर व सिलाई जैसे विभिन्न व्यवसायों हेतु 75 प्रतिशत तक का विभागीय अनुदान दे रही है। इस योजना के माध्यम से राज्य की महिलाएं न केवल स्वावलंबी बन रही हैं, बल्कि समाज में एक सम्मानजनक जीवन जी रही हैं।

योजना की प्रगति और आंकड़ों की बात करें तो 10 फरवरी 2026 को आयोजित प्रथम चरण में 6 जनपदों की 484 महिलाओं को सशक्त उद्यमी बनाने के उद्देश्य से ₹3,45,34,500 की 50 प्रतिशत प्रथम किस्त जारी की गई थी। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए 22 जुलाई 2026 को आयोजित द्वितीय चरण के कार्यक्रम में अल्मोड़ा, चंपावत, चमोली, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी एवं देहरादून की 212 नई पात्र महिलाओं के लिए ₹1,55,44,000 की प्रथम किस्त (50%) स्वीकृत की गई। इसके अतिरिक्त, प्रथम चरण की लाभार्थियों में से समीक्षा के उपरांत देहरादून (182), नैनीताल (71) एवं टिहरी (23) जनपद की कुल 276 महिलाओं को ₹1,20,76,875 की 30 प्रतिशत द्वितीय किस्त भी अवमुक्त कर दी गई है।

उल्लेखनीय है कि इस योजना के अंतर्गत अधिकतम 2 लाख रुपये तक की परियोजना लागत पर सरकार द्वारा 75 प्रतिशत का अनुदान (सब्सिडी) दिया जा रहा है, जबकि शेष 25 प्रतिशत अंशदान लाभार्थी महिला का होता है।

इस अवसर पर विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंसीलाल राणा, उपनिदेशक विक्रम सिंह, मोहित चौधरी, अंजना गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

मदद मिली तो आगरा का पेठा दून ले आई नीलू जैन
बुधवार को योजना के तहत दूसरी किस्त लेने आई कांवली रोड देहरादून निवासी नीलू जैन ने बताया कि 2022 में उनके पति की कैंसर से मृत्यु हो गई थी। इस योजना के तहत पहली किस्त के रूप में सहायता राशि मिलने के बाद उन्होंने पेठे की मिठाई बनाने का रोजगार शुरू किया। नीलू ने बताया कि उनका मायका आगरा है और वह आगरा के मशहूर पेठा बनाने की रेसिपी जानती थी । उन्होंने उसी गुणवत्ता और स्वाद वाली पेठे की मिठाई का कारोबार दून में खड़ा कर दिया है।

अपने साथ गरीब लड़कियों को भी रोजगार दे रही सुषमा थापा
सुषमा थापा ने बताया कि कोविड के दौरान उनके पति का देहांत हो गया और बाद में उनका 24 साल का बेटा भी दुनिया से चल बसा तो उनके ऊपर अचानक मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। सुषमा ने बताया कि इस योजना के तहत सहायता राशि मिलने के बाद उन्होंने हस्तशिल्प और सिलाई का काम शुरू किया । अब वे अपने साथ-साथ आस पड़ोस में रहने वाली गरीब लड़कियों को भी यह काम सिखा कर रोजगार दे रही हैं।

किस्मत और कैंसर से लड़कर भी खड़ा किया कारोबार
देहरादून के लक्खी बाग निवासी पूजा सेठी ने बताया कि शादी के बाद ससुराल में उन पर असहनीय अत्याचार किए गए, जिसके कारण वह अपने मायके आ गई। 2020 में उन्हें कैंसर हो गया। अपनी बदकिस्मती और कैंसर जैसी बीमारी से लड़ते हुए भी उन्होंने इस योजना के तहत सहायता राशि मिलने के बाद सिलाई का काम शुरू किया। उन्होंने बताया कि अब उनका कामकाज अच्छा चल रहा है और इसकी कमाई से न सिर्फ अपना इलाज करवा पा रही हैं, साथ ही उनकी गुजर बसर भी अच्छी हो रही है।

रोडपति से करोड़पति बनकर दिखाऊंगी
पिथौरागढ़ की बसंती देवी को भी बुधवार को सहायता राशि की पहली किस्त प्राप्त हुई। उन्होंने बताया कि वैवाहिक जीवन में जब उन्हें अपनी जिंदगी पर ही संकट आता दिखा तो उन्होंने खुद को पति से अलग कर लिया। ससुराल में उन्होंने अच्छा खासा बुटीक संचालित कर रखा था लेकिन फिर वह अचानक सड़क पर आ गई। बसंती ने बताया कि कई साल तक वह दूसरों की दुकानों में काम करके गुजारा करती रही। अब इस योजना के तहत सहायता मिलने के बाद वह फिर से अपना बुटीक का काम शुरू कर पाएंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि अपनी लगन और मेहनत के दम पर एक दिन रोडपति से करोड़पति तक का सफर तय करके दिखाएंगी

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कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून-मसूरी मार्ग के क्षतिग्रस्त मार्ग का किया निरीक्षण https://tejasbuzz.com/cabinet-minister-ganesh-joshi-inspected-the-damaged-road-of-dehradun-mussoorie-road/ Wed, 22 Jul 2026 08:12:24 +0000 https://tejasbuzz.com/?p=27096

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अतिवृष्टि के चलते देहरादून-मसूरी मुख्य मार्ग पर पानी वाले बैण्ड के समीप क्षतिग्रस्त हुए मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर मार्ग की स्थिति का जायजा लिया और जिला प्रशासन व लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों से पुनर्निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मार्ग के पुनर्निर्माण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता पर युद्धस्तर पर पूरा किया जाए, ताकि देहरादून और मसूरी के बीच यातायात जल्द से जल्द पूरी तरह सामान्य हो सके।

मंत्री जोशी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए जाएं। जहां वाहनों के दलदल में फंसने की संभावना है, वहां तत्काल पत्थर, गिट्टी या अन्य आवश्यक सामग्री डालकर मार्ग को सुरक्षित और सुगम बनाया जाए।ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और यातायात सुचारु रूप से संचालित हो सके। साथ ही आवश्यकतानुसार चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग एवं कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।

निरीक्षण के दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल कुमार, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता (ईई) राजेश कुमार सहित जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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कल से शुरू हो रही भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज https://tejasbuzz.com/three-match-t20-series-between-india-and-zimbabwe-starting-tomorrow/ Wed, 22 Jul 2026 07:19:20 +0000 https://tejasbuzz.com/?p=27093

युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेंगी सभी की नजरें

नई दिल्ली। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ लगातार टी20 सीरीज में मिली हार के बाद भारतीय टीम अब जिम्बाब्वे के खिलाफ नई शुरुआत करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। 23 जुलाई से हरारे में शुरू होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज टीम इंडिया के लिए सिर्फ जीत दर्ज करने का ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास हासिल करने का भी बड़ा अवसर मानी जा रही है। वहीं मेजबान जिम्बाब्वे ने भी मुकाबले से पहले साफ कर दिया है कि वह भारत को कड़ी चुनौती देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

सीरीज शुरू होने से पहले जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने कहा कि दोनों टीमों के पास सीरीज जीतने के बराबर अवसर हैं। उनका मानना है कि जिम्बाब्वे पिछले कुछ समय से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेल रहा है और टीम बदलाव के दौर से गुजरते हुए लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है। रजा ने भरोसा जताया कि यह सीरीज एकतरफा नहीं होगी और दर्शकों को रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की तरह जिम्बाब्वे भी नई टीम तैयार कर रहा है, इसलिए दोनों पक्षों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी।

भारतीय टीम की कमान एक बार फिर श्रेयस अय्यर के हाथों में होगी। कप्तान बनने के बाद अय्यर की अगुआई में भारत आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज गंवा चुका है, ऐसे में जिम्बाब्वे दौरा उनके लिए कप्तानी में पहली सीरीज जीत दर्ज करने का अहम मौका होगा। बल्लेबाज के तौर पर अय्यर का प्रदर्शन अच्छा रहा है, लेकिन अब उनसे कप्तानी में भी प्रभाव छोड़ने की उम्मीद की जा रही है।

टीम इंडिया के युवा खिलाड़ियों पर भी इस दौरे में खास नजर रहेगी। शीर्ष क्रम में वैभव सूर्यवंशी के पास खुद को साबित करने का सुनहरा अवसर होगा, जबकि मध्यक्रम में रिंकू सिंह की वापसी बल्लेबाजी को मजबूती दे सकती है। गेंदबाजी विभाग में चोट के बाद वापसी कर रहे तेज गेंदबाज मयंक यादव पर सभी की नजरें रहेंगी। इसके अलावा अशोक शर्मा और यश ठाकुर जैसे युवा तेज गेंदबाजों को भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।

भारत और जिम्बाब्वे के बीच अब तक खेले गए 10 टी20 मुकाबलों में भारतीय टीम का पलड़ा भारी रहा है। भारत ने सात मैच जीते हैं, जबकि जिम्बाब्वे को तीन मुकाबलों में सफलता मिली है। हालांकि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए दोनों टीमें इस सीरीज को अपने लिए महत्वपूर्ण मान रही हैं।

तीन मैचों की टी20 सीरीज के मुकाबले 23, 25 और 26 जुलाई को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जाएंगे। सभी मैच भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे शुरू होंगे।

जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम:
श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, तिलक वर्मा, अभिषेक शर्मा, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, हर्ष दुबे, ईशान किशन (विकेटकीपर), प्रभसिमरन सिंह, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, मयंक यादव, अशोक शर्मा और रवि बिश्नोई।

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शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट, सेंसेक्स 500 अंक तक टूटा, निफ्टी 24,000 के करीब https://tejasbuzz.com/stock-market-falls-for-the-second-consecutive-day-sensex-plunges-500-points-nifty-nears-24000/ Wed, 22 Jul 2026 06:09:34 +0000 https://tejasbuzz.com/?p=27090

नई दिल्ली- भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को लगातार दूसरे दिन घरेलू बाजार लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (ब्रांट क्रूड) की कीमतें 92 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

कारोबार की शुरुआत में बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 362.47 अंक टूटकर 77,107.64 के स्तर पर खुला। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 90.96 अंक गिरकर 24,096.75 पर आ गया। जैसे-जैसे सत्र आगे बढ़ा, बिकवाली का दबाव और गहरा गया। सुबह 09:37 बजे तक सेंसेक्स 599.28 अंकों (0.77%) की भारी गिरावट के साथ 76,870.83 पर जबकि निफ्टी 163.61 अंक (0.68%) फिसलकर 24,024.10 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

इन वजहों से टूटा बाजार:

  • कच्चे तेल में उबाल: मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण क्रूड ऑयल 92 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।

  • FII की बिकवाली और कमजोर रुपया: विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने बाजार का मूड और बिगाड़ दिया है।

  • इंडिगो और सन फार्मा में गिरावट: शुरुआती सत्र में इंडिगो और सन फार्मास्यूटिकल्स जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई।

एशियाई और वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत देखने को मिले। टोक्यो सत्र के दौरान जापान का ‘टॉपिक्स’ सूचकांक 1.3% और ऑस्ट्रेलिया का ‘S&P/ASX 200’ 0.2% चढ़ा। इसके विपरीत हांगकांग का ‘हेंगसेंग’ 0.7% लुढ़क गया, जबकि शंघाई कंपोजिट में 0.3% की बढ़त रही।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल के दाम स्थिर नहीं होते, तब तक भारतीय शेयर बाजार सीमित दायरे में ही कारोबार करेगा।

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उत्तराखंड की बेटियां खेलों में लगातार रच रही हैं नए कीर्तिमान, सरकार खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध- मुख्यमंत्री https://tejasbuzz.com/daughters-of-uttarakhand-are-continuously-creating-new-records-in-sports-government-is-committed-to-provide-all-possible-support-to-the-players-chief-minister/ Wed, 22 Jul 2026 05:48:48 +0000 https://tejasbuzz.com/?p=27087

पिथौरागढ़ की महिला मुक्केबाजों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया उत्तराखंड का मान, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाली उत्तराखंड की महिला मुक्केबाजों ने भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ की मुक्केबाज निकिता चंद, काजल फर्स्वाण और आरती धारियाल को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के साथ ही उनके प्रशिक्षकों बृजेंद्र मल और ललित कुँवर को भी सम्मानित किया और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

हाल ही में इंडोनेशिया के जकार्ता में 3 से 15 जुलाई 2026 तक आयोजित अंडर-23 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में उत्तराखंड की होनहार मुक्केबाज निकिता चंद ने 60 किलोग्राम भार वर्ग और काजल फर्स्वाण ने 65 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किए। दोनों खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत के बल पर उत्तराखंड और भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।

निकिता चंद और काजल फर्स्वाण ने अंडर-23 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में जीते रजत पदक, आरती धारियाल ने गोल्ड बेल्ट बॉक्सिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण

पिथौरागढ़ के बड़ालू गांव की निवासी निकिता चंद इससे पहले वर्ष 2021, 2022 और 2023 में एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। वह वर्तमान में अपने प्रशिक्षकों बृजेंद्र मल और भास्कर भट्ट के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।

वहीं, मुनस्यारी के भदेली गांव की निवासी काजल फर्स्वाण ने भी बॉक्सिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उनका प्रारंभिक प्रशिक्षण पिथौरागढ़ स्थित महिला आवासीय छात्रावास, खेल विभाग में हुआ, जहां उन्हें सुनीता मेहता रावत और कप्तान देवीचंद का मार्गदर्शन मिला। इसके बाद उन्होंने स्मॉल खेलो इंडिया सेंटर में कोच निखिल महर के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त किया। बाद में उनका चयन एनबीए, रोहतक के लिए हुआ और वर्तमान में वह पटियाला स्थित राष्ट्रीय महिला बॉक्सिंग कैंप में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। काजल इससे पहले अंडर-19 ASBC एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक, अंडर-23 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक तथा 38वें नेशनल गेम्स-2025 में रजत पदक जीत चुकी हैं।

इसी क्रम में पिथौरागढ़ की एक और प्रतिभाशाली महिला मुक्केबाज आरती धारियाल ने 12 से 16 जुलाई 2026 तक रोमानिया में आयोजित गोल्ड बेल्ट बॉक्सिंग प्रतियोगिता में 54 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। गौड़ीहाट, पिथौरागढ़ की निवासी आरती वर्ष 2024 और 2025 में एलीट महिला राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुकी हैं। अपनी निरंतर सफलता के आधार पर उनका चयन भी पटियाला स्थित राष्ट्रीय महिला बॉक्सिंग कैंप के लिए हुआ है, जहां वह वर्तमान में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।

बता दे की आरती ने जिला खेल कार्यालय के तत्वावधान में संचालित स्मॉल खेलो इंडिया सेंटर में कोच निखिल महर के मार्गदर्शन में बॉक्सिंग का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इन तीनों महिला मुक्केबाजों की उपलब्धियां उत्तराखंड में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह और राज्य की बेटियों की प्रतिभा का प्रमाण हैं। उनकी सफलता नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की बेटियों ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और दृढ़ संकल्प से देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। निकिता चंद, काजल फर्स्वाण और आरती धारियाल की उपलब्धियां यह साबित करती हैं कि उत्तराखंड की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, उनके प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग का परिणाम है। राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा खेल सुविधाओं के विस्तार और प्रतिभावान खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन किया है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के प्रत्येक प्रतिभाशाली खिलाड़ी को अपनी प्रतिभा निखारने और बड़े मंच पर प्रदर्शन करने के लिए आवश्यक अवसर और सुविधाएं मिलें। उन्होंने खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड की बेटियां आने वाले समय में खेलों के क्षेत्र में और भी नए कीर्तिमान स्थापित करेंगी।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, सहायक निदेशक खेल संजीव पौरी, जिला खेल अधिकारी शबाली गुरंग सहित अन्य अधिकारी एवं संबंधित प्रशिक्षक उपस्थित रहे।

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