Headline
केंद्र सरकार विकास और सुशासन के लिए काम कर रही- अमित शाह
केंद्र सरकार विकास और सुशासन के लिए काम कर रही- अमित शाह
गिलगिट-बाल्टिस्तान के स्कार्दू में विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा, गोलीबारी में 38 लोगों की मौत
गिलगिट-बाल्टिस्तान के स्कार्दू में विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा, गोलीबारी में 38 लोगों की मौत
चारधाम यात्रा 2026- हेली शटल सेवा के टेंडर अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी सुविधाएँ
चारधाम यात्रा 2026- हेली शटल सेवा के टेंडर अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी सुविधाएँ
किडनी स्टोन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर इलाज जरूरी
किडनी स्टोन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर इलाज जरूरी
पार्टी कार्यकर्ताओं संग हरिद्वार रवाना हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी
पार्टी कार्यकर्ताओं संग हरिद्वार रवाना हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने रुपये
‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने रुपये
नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, जल्द खुलेगा आम जनता के लिए
नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, जल्द खुलेगा आम जनता के लिए
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी

मतदाता सूची में हेरफेर रोकने को चुनाव आयोग ने शुरू की ई-सत्यापन प्रक्रिया

मतदाता सूची में हेरफेर रोकने को चुनाव आयोग ने शुरू की ई-सत्यापन प्रक्रिया

नाम जोड़ने या हटाने पर अब मोबाइल OTP से होगा सत्यापन

नई दिल्ली। मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए चुनाव आयोग ने ई-सत्यापन प्रणाली लागू की है। अब किसी भी मतदाता का नाम जोड़ने या हटाने पर आपत्ति दर्ज करने वाले को उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर वन-टाइम पासवर्ड (OTP) भेजा जाएगा। यह सत्यापन पूरा होने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।

चुनाव आयोग के एक अधिकारी के अनुसार, पहले कई बार ऐसा होता था कि आपत्ति दर्ज कराने वाला व्यक्ति किसी अन्य का नाम या मोबाइल नंबर लिख देता था। ई-सत्यापन की नई व्यवस्था इस तरह के दुरुपयोग को रोकने में मदद करेगी।

आयोग ने स्पष्ट किया कि यह कदम किसी राजनीतिक बयानबाज़ी के जवाब में नहीं उठाया गया है। उदाहरण के तौर पर, कर्नाटक के अलंद विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जाने की शिकायतों के बाद 6,018 ऑनलाइन आवेदन (फॉर्म-7) आए थे। जांच में इनमें से केवल 24 सही पाए गए, जबकि 5,994 आवेदन गलत निकले। इसलिए सिर्फ 24 नाम ही मतदाता सूची से हटाए गए।

इस बीच, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर दावा किया कि उनकी आपत्ति के बाद ही चुनाव आयोग को कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से सवाल किया कि अलंद मामले में कर्नाटक सीआईडी को सबूत कब सौंपे जाएंगे। राहुल गांधी ने लिखा, “हमने चोरी पकड़ी, तभी आयोग को ताला लगाने की याद आई। अब हम चोरों को भी पकड़ेंगे।”

Back To Top