Headline
समर्पण और उद्देश्य की भावना के साथ अपने पेशेवर कर्तव्यों को निभाएं- उपराष्ट्रपति
समर्पण और उद्देश्य की भावना के साथ अपने पेशेवर कर्तव्यों को निभाएं- उपराष्ट्रपति
टिहरी में दर्दनाक सड़क हादसा: गहरी खाई में गिरा यूटिलिटी वाहन, 8 की मौत
टिहरी में दर्दनाक सड़क हादसा: गहरी खाई में गिरा यूटिलिटी वाहन, 8 की मौत
आईपीएल 2026- मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच मुकाबला आज
आईपीएल 2026- मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच मुकाबला आज
यात्रा व्यवस्था में लगे कर्मचारी, अधिकारी “अतिथि देवो भव:” की भावना से कार्य करें- महाराज
यात्रा व्यवस्था में लगे कर्मचारी, अधिकारी “अतिथि देवो भव:” की भावना से कार्य करें- महाराज
गुलदार के हमले में बुजुर्ग महिला की मौत, झाड़ियों में मिला शव
गुलदार के हमले में बुजुर्ग महिला की मौत, झाड़ियों में मिला शव
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव करता रहेगा प्रेरित- सीएम
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव करता रहेगा प्रेरित- सीएम
मुख्यमंत्री धामी ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर किया स्वागत
मुख्यमंत्री धामी ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर किया स्वागत
‘पति पत्नी और वो दो’ का पहला गाना ‘रूप दी रानी’ हुआ रिलीज
‘पति पत्नी और वो दो’ का पहला गाना ‘रूप दी रानी’ हुआ रिलीज
विधि-विधान के साथ खुले बद्रीनाथ धाम के कपाट, हजारों श्रद्धालु रहे मौजूद
विधि-विधान के साथ खुले बद्रीनाथ धाम के कपाट, हजारों श्रद्धालु रहे मौजूद

मतदाता सूची में हेरफेर रोकने को चुनाव आयोग ने शुरू की ई-सत्यापन प्रक्रिया

मतदाता सूची में हेरफेर रोकने को चुनाव आयोग ने शुरू की ई-सत्यापन प्रक्रिया

नाम जोड़ने या हटाने पर अब मोबाइल OTP से होगा सत्यापन

नई दिल्ली। मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए चुनाव आयोग ने ई-सत्यापन प्रणाली लागू की है। अब किसी भी मतदाता का नाम जोड़ने या हटाने पर आपत्ति दर्ज करने वाले को उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर वन-टाइम पासवर्ड (OTP) भेजा जाएगा। यह सत्यापन पूरा होने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।

चुनाव आयोग के एक अधिकारी के अनुसार, पहले कई बार ऐसा होता था कि आपत्ति दर्ज कराने वाला व्यक्ति किसी अन्य का नाम या मोबाइल नंबर लिख देता था। ई-सत्यापन की नई व्यवस्था इस तरह के दुरुपयोग को रोकने में मदद करेगी।

आयोग ने स्पष्ट किया कि यह कदम किसी राजनीतिक बयानबाज़ी के जवाब में नहीं उठाया गया है। उदाहरण के तौर पर, कर्नाटक के अलंद विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जाने की शिकायतों के बाद 6,018 ऑनलाइन आवेदन (फॉर्म-7) आए थे। जांच में इनमें से केवल 24 सही पाए गए, जबकि 5,994 आवेदन गलत निकले। इसलिए सिर्फ 24 नाम ही मतदाता सूची से हटाए गए।

इस बीच, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर दावा किया कि उनकी आपत्ति के बाद ही चुनाव आयोग को कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से सवाल किया कि अलंद मामले में कर्नाटक सीआईडी को सबूत कब सौंपे जाएंगे। राहुल गांधी ने लिखा, “हमने चोरी पकड़ी, तभी आयोग को ताला लगाने की याद आई। अब हम चोरों को भी पकड़ेंगे।”

Back To Top