Headline
केंद्र सरकार विकास और सुशासन के लिए काम कर रही- अमित शाह
केंद्र सरकार विकास और सुशासन के लिए काम कर रही- अमित शाह
गिलगिट-बाल्टिस्तान के स्कार्दू में विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा, गोलीबारी में 38 लोगों की मौत
गिलगिट-बाल्टिस्तान के स्कार्दू में विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा, गोलीबारी में 38 लोगों की मौत
चारधाम यात्रा 2026- हेली शटल सेवा के टेंडर अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी सुविधाएँ
चारधाम यात्रा 2026- हेली शटल सेवा के टेंडर अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी सुविधाएँ
किडनी स्टोन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर इलाज जरूरी
किडनी स्टोन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर इलाज जरूरी
पार्टी कार्यकर्ताओं संग हरिद्वार रवाना हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी
पार्टी कार्यकर्ताओं संग हरिद्वार रवाना हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने रुपये
‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने रुपये
नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, जल्द खुलेगा आम जनता के लिए
नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, जल्द खुलेगा आम जनता के लिए
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी

विधि-विधान के साथ बंद हुए तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट

विधि-विधान के साथ बंद हुए तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट

इस वर्ष डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने किए भगवान तुंगनाथ के दर्शन

रुद्रप्रयाग।  तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ मंदिर के कपाट शीतकालीन प्रवास के लिए विधि-विधान के साथ आज बंद कर दिए गए। इस वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने ऊँचाई पर स्थित इस पवित्र धाम में दर्शन किए। आंकड़ों के अनुसार इस बार लगभग डेढ़ लाख भक्तों ने तुंगनाथ पहुंचकर बाबा के दर्शन प्राप्त किए।

कपाट बंद होने के साथ ही भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह डोली आज प्रथम पड़ाव चोपता के लिए रवाना हुई। कपाट बंद होने की इस ऐतिहासिक और भावुक प्रक्रिया का साक्षी बनने के लिए 500 से अधिक श्रद्धालु मंदिर परिसर में उपस्थित रहे।

बदरी-केदार मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल की मौजूदगी में सुबह करीब साढ़े दस बजे कपाट बंद करने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू हुई। भोग, यज्ञ और हवन के बाद भगवान तुंगनाथ के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप देकर ठीक 11:30 बजे मंदिर के मुख्य द्वार शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।

Back To Top