Headline
‘‘मुख्यमंत्री ने किया ‘सेवा विधि‘ पुस्तक का विमोचन‘‘
‘‘मुख्यमंत्री ने किया ‘सेवा विधि‘ पुस्तक का विमोचन‘‘
पटेलनगर क्षेत्र में कैफे के बाहर हुई फायरिंग का दून पुलिस ने किया खुलासा, आरोपी गिरफ्तार
पटेलनगर क्षेत्र में कैफे के बाहर हुई फायरिंग का दून पुलिस ने किया खुलासा, आरोपी गिरफ्तार
उत्तराखण्ड में बनेगा संस्कृत आयोग, सरकार ने मांगे सुझाव
उत्तराखण्ड में बनेगा संस्कृत आयोग, सरकार ने मांगे सुझाव
कम उम्र में बढ़ रहा दिल की बीमारियों का खतरा, जानिए कौन-सी आदतें बन रही हैं वजह
कम उम्र में बढ़ रहा दिल की बीमारियों का खतरा, जानिए कौन-सी आदतें बन रही हैं वजह
‘टॉक्सिक’ का नया गाना ‘मदहोश’ हुआ रिलीज, यश और तारा सुतारिया की केमिस्ट्री ने जीता दिल
‘टॉक्सिक’ का नया गाना ‘मदहोश’ हुआ रिलीज, यश और तारा सुतारिया की केमिस्ट्री ने जीता दिल
एकल महिला स्वरोजगार योजना: 212 नई महिलाओं को मिली सहायता राशि, 276 को जारी हुई दूसरी किस्त
एकल महिला स्वरोजगार योजना: 212 नई महिलाओं को मिली सहायता राशि, 276 को जारी हुई दूसरी किस्त
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून-मसूरी मार्ग के क्षतिग्रस्त मार्ग का किया निरीक्षण
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून-मसूरी मार्ग के क्षतिग्रस्त मार्ग का किया निरीक्षण
कल से शुरू हो रही भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज
कल से शुरू हो रही भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज
शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट, सेंसेक्स 500 अंक तक टूटा, निफ्टी 24,000 के करीब
शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट, सेंसेक्स 500 अंक तक टूटा, निफ्टी 24,000 के करीब

उत्तर प्रदेश विधानसभा में पेश किया गया धर्मांतरण विरोधी कानून

उत्तर प्रदेश विधानसभा में पेश किया गया धर्मांतरण विरोधी कानून

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा मंगलवार को गैरकानूनी धर्म परिवर्तन अधिनियम में संशोधन करने के लिए एक विधेयक पेश किया है, जिसमें उल्लंघन करने वालों के लिए अधिकतम सजा को आजीवन कारावास और 5 लाख रुपये के जुर्माने तक बढ़ा दिया गया है। उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्म परिवर्तन प्रतिषेध विधेयक, 2024 के संशोधित प्रावधानों के तहत, यदि कोई व्यक्ति धर्म परिवर्तन के इरादे से किसी महिला, नाबालिग या किसी को धमकाता है, हमला करता है, शादी करता है या शादी करने का वादा करता है, इसके लिए साजिश रचता है या तस्करी करता है, तो अपराध को सबसे गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा। संशोधित विधेयक में ऐसे मामलों में 20 साल की कैद या आजीवन कारावास का प्रावधान है। पहले, अधिकतम सजा 10 साल और 50,000 रुपये का जुर्माना था।

संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने सोमवार को सदन में विधेयक पेश किया। संशोधन अब किसी भी व्यक्ति को धर्म परिवर्तन के मामलों में एफआईआर दर्ज करने की अनुमति देता है। पहले शिकायत दर्ज कराने के लिए पीड़ित, माता-पिता या भाई-बहन की मौजूदगी जरूरी थी, लेकिन अब कोई भी व्यक्ति लिखित में पुलिस को सूचना दे सकता है।

बिल में प्रस्ताव है कि ऐसे मामलों की सुनवाई केवल सत्र न्यायालय द्वारा की जाएगी और सरकारी वकील को मौका दिए बिना जमानत याचिका पर विचार नहीं किया जाएगा। साथ ही, इस अधिनियम के तहत सभी अपराधों को गैर-जमानती बनाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘लव जिहाद’ पर अंकुश लगाने के लिए इस संशोधन की शुरुआत की, जो कुछ हिंदू समूहों द्वारा विवाह के माध्यम से कथित जबरन धर्मांतरण का वर्णन करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है। नवंबर 2020 में एक अध्यादेश जारी किया गया था और उत्तर प्रदेश विधानमंडल के दोनों सदनों द्वारा विधेयक पारित होने के बाद, उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 लागू हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top