Headline
क्या घंटों कुर्सी पर बैठे रहना बन रहा है हार्ट अटैक की वजह? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ
क्या घंटों कुर्सी पर बैठे रहना बन रहा है हार्ट अटैक की वजह? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ
‘बेबी डू डाई डू’ का धमाकेदार इंट्रो वीडियो रिलीज
‘बेबी डू डाई डू’ का धमाकेदार इंट्रो वीडियो रिलीज
बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए रंगमंच और सांस्कृतिक गतिविधियां अत्यंत आवश्यक- जिलाधिकारी
बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए रंगमंच और सांस्कृतिक गतिविधियां अत्यंत आवश्यक- जिलाधिकारी
खेत बचाओ अभियान को जनांदोलन बनाने का आह्वान, किसानों ने लिया मिट्टी और कृषि संरक्षण का संकल्प
खेत बचाओ अभियान को जनांदोलन बनाने का आह्वान, किसानों ने लिया मिट्टी और कृषि संरक्षण का संकल्प
खाद्य सुरक्षा मानकों पर सख्ती, होटल संचालकों को किया जागरूक
खाद्य सुरक्षा मानकों पर सख्ती, होटल संचालकों को किया जागरूक
डोईवाला क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का दून पुलिस ने किया खुलासा, मामा- भांजा ही निकले आरोपी
डोईवाला क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का दून पुलिस ने किया खुलासा, मामा- भांजा ही निकले आरोपी
आयरलैंड-इंग्लैंड टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम घोषित, श्रेयस अय्यर को मिली कप्तानी
आयरलैंड-इंग्लैंड टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम घोषित, श्रेयस अय्यर को मिली कप्तानी
आपकी हर जानकारी पर साइबर ठगों की नजर, बढ़ रहे ऑनलाइन फ्रॉड के मामले, विशेषज्ञों ने किया अलर्ट
आपकी हर जानकारी पर साइबर ठगों की नजर, बढ़ रहे ऑनलाइन फ्रॉड के मामले, विशेषज्ञों ने किया अलर्ट
‘है जवानी तो इश्क होना है’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये
‘है जवानी तो इश्क होना है’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये

बार-बार होती है एसिडिटी? जानें इसके कारण और कारगर घरेलू इलाज

बार-बार होती है एसिडिटी? जानें इसके कारण और कारगर घरेलू इलाज

भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित दिनचर्या और खराब खानपान के चलते आज एसिडिटी एक आम समस्या बन चुकी है। सीने में जलन, खट्टी डकारें और पेट फूलने जैसी परेशानियां कई लोगों के लिए रोज़मर्रा की बात हो गई हैं। यह समस्या तब होती है जब पेट का अम्ल (एसिड) भोजन नली में लौट आता है, जिससे जलन और बेचैनी महसूस होती है। मेडिकल भाषा में इसे गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिज़ीज (GERD) कहा जाता है। अच्छी बात यह है कि कुछ घरेलू उपायों से इस परेशानी को शुरूआती स्तर पर आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।

एसिडिटी के प्रमुख कारण:
एसिडिटी आमतौर पर पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड की अत्यधिक मात्रा बनने से होती है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं:

मसालेदार और तला-भुना भोजन

देर रात खाना और तुरंत लेटना

धूम्रपान और शराब का सेवन

अत्यधिक चाय/कॉफी पीना

तनाव और नींद की कमी

इन आदतों में सुधार कर एसिडिटी को काफी हद तक रोका जा सकता है।

घरेलू उपाय जो तुरंत राहत दें:

सौंफ:
पाचन शक्ति बढ़ाने वाली सौंफ में ऐसे तत्व होते हैं जो गैस, सूजन और जलन को कम करने में मदद करते हैं। आप एक चम्मच सौंफ चबा सकते हैं या सौंफ का पानी (उबला हुआ पानी + सौंफ) पी सकते हैं।

ठंडा दूध:
दूध में मौजूद कैल्शियम अतिरिक्त एसिड को निष्क्रिय करता है। बिना चीनी का ठंडा दूध पीने से जलन में राहत मिलती है। हालांकि यह उपाय कभी-कभी ही कारगर होता है; बार-बार एसिडिटी होने पर डॉक्टर से सलाह लें।

केला:
फाइबर से भरपूर केला पेट को शांत करता है और कब्ज जैसी दिक्कतों को भी कम करता है। एसिडिटी महसूस होने पर एक पका हुआ केला खाना लाभकारी होता है।

जीरे का पानी:
जीरा पाचन एंजाइमों को सक्रिय करता है और गैस को बाहर निकालने में मदद करता है। एक चम्मच जीरे को एक गिलास पानी में उबालें और ठंडा करके पी लें।

निष्कर्ष:
ये घरेलू उपाय सामान्य और शुरुआती एसिडिटी के लक्षणों में राहत देने में मदद कर सकते हैं। लेकिन यदि एसिडिटी बार-बार हो रही है या लक्षण गंभीर हैं, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें और चिकित्सकीय सलाह अवश्य लें। खानपान और जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव आपकी पाचन से जुड़ी समस्याओं को दूर रख सकते हैं।

(साभार)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top