Headline
क्या घंटों कुर्सी पर बैठे रहना बन रहा है हार्ट अटैक की वजह? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ
क्या घंटों कुर्सी पर बैठे रहना बन रहा है हार्ट अटैक की वजह? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ
‘बेबी डू डाई डू’ का धमाकेदार इंट्रो वीडियो रिलीज
‘बेबी डू डाई डू’ का धमाकेदार इंट्रो वीडियो रिलीज
बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए रंगमंच और सांस्कृतिक गतिविधियां अत्यंत आवश्यक- जिलाधिकारी
बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए रंगमंच और सांस्कृतिक गतिविधियां अत्यंत आवश्यक- जिलाधिकारी
खेत बचाओ अभियान को जनांदोलन बनाने का आह्वान, किसानों ने लिया मिट्टी और कृषि संरक्षण का संकल्प
खेत बचाओ अभियान को जनांदोलन बनाने का आह्वान, किसानों ने लिया मिट्टी और कृषि संरक्षण का संकल्प
खाद्य सुरक्षा मानकों पर सख्ती, होटल संचालकों को किया जागरूक
खाद्य सुरक्षा मानकों पर सख्ती, होटल संचालकों को किया जागरूक
डोईवाला क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का दून पुलिस ने किया खुलासा, मामा- भांजा ही निकले आरोपी
डोईवाला क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का दून पुलिस ने किया खुलासा, मामा- भांजा ही निकले आरोपी
आयरलैंड-इंग्लैंड टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम घोषित, श्रेयस अय्यर को मिली कप्तानी
आयरलैंड-इंग्लैंड टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम घोषित, श्रेयस अय्यर को मिली कप्तानी
आपकी हर जानकारी पर साइबर ठगों की नजर, बढ़ रहे ऑनलाइन फ्रॉड के मामले, विशेषज्ञों ने किया अलर्ट
आपकी हर जानकारी पर साइबर ठगों की नजर, बढ़ रहे ऑनलाइन फ्रॉड के मामले, विशेषज्ञों ने किया अलर्ट
‘है जवानी तो इश्क होना है’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये
‘है जवानी तो इश्क होना है’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये

हाईकोर्ट की सख्ती: त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों पर अंतरिम रोक

हाईकोर्ट की सख्ती: त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों पर अंतरिम रोक

आरक्षण व्यवस्था पर स्थिति स्पष्ट न होने पर हाईकोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक

नैनीताल। उत्तराखंड में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों पर नैनीताल हाईकोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। यह रोक आरक्षण व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार द्वारा स्थिति स्पष्ट न कर पाने के चलते लगाई गई है। कोर्ट ने साफ कहा कि जब तक पंचायत चुनावों में आरक्षण की स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक चुनाव प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।

सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि राज्य सरकार पंचायत चुनावों में आरक्षण को लेकर न तो स्पष्ट नीति प्रस्तुत कर सकी और न ही न्यायालय को भरोसेमंद विवरण दे सकी। इस पर कोर्ट ने गहरी नाराजगी जताते हुए सरकार को निर्देश दिए कि वह जल्द से जल्द आरक्षण संबंधी नीति स्पष्ट करे।

राज्य निर्वाचन आयोग ने हाल ही में पंचायत चुनावों की तैयारी शुरू कर दी थी और 12 जिलों में पंचायत चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी थी, लेकिन अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह प्रक्रिया रोक दी गई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला राज्य की सियासत और पंचायत स्तर पर प्रतिनिधित्व के समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। विपक्ष पहले से ही सरकार पर पंचायतों में आरक्षण को लेकर मनमानी और अनियमितता के आरोप लगा रहा था, जिसे अब न्यायालय की टिप्पणी से बल मिल सकता है।

अब सबकी निगाहें सरकार की अगली रणनीति और अदालत में उसकी प्रस्तुति पर टिकी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top