Headline
ड्यूटी पर जाते समय सड़क हादसे में पुलिसकर्मी प्रमोद कुमार का निधन, तीन बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
ड्यूटी पर जाते समय सड़क हादसे में पुलिसकर्मी प्रमोद कुमार का निधन, तीन बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
सलमान खान की फिल्म ‘मातृभूमि’ का नया गाना ‘जय हिंद’ हुआ रिलीज
सलमान खान की फिल्म ‘मातृभूमि’ का नया गाना ‘जय हिंद’ हुआ रिलीज
चारधाम यात्रा में टूटा रिकॉर्ड, 60 लाख के पार पहुंची श्रद्धालुओं की संख्या
चारधाम यात्रा में टूटा रिकॉर्ड, 60 लाख के पार पहुंची श्रद्धालुओं की संख्या
22 से 26 अक्टूबर तक गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में न्याय यात्रा निकाली कांग्रेस
22 से 26 अक्टूबर तक गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में न्याय यात्रा निकाली कांग्रेस
नौ स्थानों पर 4G मोबाइल सेवा शुरू कराने की पहल, सांसद अजय भट्ट ने केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र
नौ स्थानों पर 4G मोबाइल सेवा शुरू कराने की पहल, सांसद अजय भट्ट ने केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को दी विजयदशमी एवं दशहरा पर्व की शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को दी विजयदशमी एवं दशहरा पर्व की शुभकामनाएं
महाराज ने की नवनियुक्त राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट
महाराज ने की नवनियुक्त राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट
मुख्यमंत्री ने 20.55 करोड़ रुपये की पांच योजनाओं का किया शिलान्यास एवं लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने 20.55 करोड़ रुपये की पांच योजनाओं का किया शिलान्यास एवं लोकार्पण
एशियाई पैरा खेलों में भारत का जलवा, मोना अग्रवाल ने जीता गोल्ड तो अवनि लेखरा को मिला सिल्वर
एशियाई पैरा खेलों में भारत का जलवा, मोना अग्रवाल ने जीता गोल्ड तो अवनि लेखरा को मिला सिल्वर

बिगड़ी नींद को ऐसे करें ठीक: जीवनशैली में छोटे बदलाव देंगे बड़ी राहत

बिगड़ी नींद को ऐसे करें ठीक: जीवनशैली में छोटे बदलाव देंगे बड़ी राहत

How To Fix Sleep: तेज़ रफ्तार जीवनशैली और देर रात तक जागने की आदतों के कारण आज अधिकांश लोग नींद की गड़बड़ी से जूझ रहे हैं। अनियमित दिनचर्या की वजह से शरीर की प्राकृतिक सर्केडियन क्लॉक असंतुलित हो जाती है, जिसका असर नींद के साथ-साथ ऊर्जा स्तर, पाचन तंत्र और इम्यून सिस्टम पर भी पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल सोने की दवाई लेने से समस्या स्थायी रूप से दूर नहीं होती, बल्कि नींद से जुड़ी रूटीन में छोटे-छोटे बदलाव ही इसका असली समाधान हैं।

नींद से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण बात है — हर दिन एक निश्चित समय पर बिस्तर पर जाना और उठना। लगातार एक ही टाइम-टेबल का पालन करने से दिमाग को पता चलता है कि नींद का हार्मोन कब रिलीज़ करना है। इससे कुछ ही दिनों में नींद स्वतः समय पर आने लगती है और शरीर अपनी नैचुरल रिदम में लौट आता है।

रात को सोने से पहले मोबाइल, लैपटॉप और टीवी जैसी स्क्रीन से दूरी बनाना भी बेहद ज़रूरी है। इनसे निकलने वाली ब्लू लाइट दिमाग को जागृत रखती है और नींद का संकेत देने वाले हार्मोन को कम कर देती है। बातचीत, हल्का संगीत या किताब पढ़ना सोने से पहले शांत माहौल बनाने के अच्छे विकल्प हैं।

तनाव भी नींद खराब होने की प्रमुख वजहों में से एक है। सोने से पहले कुछ मिनट का मेडिटेशन या गहरी सांसों का अभ्यास दिमाग को आराम देता है। बेडरूम का वातावरण जितना शांत, अंधेरा और आरामदायक होगा, नींद उतनी गहरी और निरंतर मिलेगी। थोड़ा ठंडा तापमान भी बेहतर नींद को बढ़ावा देता है।

सुबह उठते ही सूर्य की रोशनी लेना बेहद फायदेमंद माना जाता है। प्राकृतिक प्रकाश मेलाटोनिन के उत्पादन को रोककर शरीर को दिन शुरू करने का संदेश देता है। वहीं, दोपहर के बाद चाय-कॉफी जैसे कैफीन वाले पेय पदार्थों से दूरी नींद की गुणवत्ता को और बेहतर बनाती है, क्योंकि कैफीन शरीर में कई घंटों तक सक्रिय रहता है और रात को सोने की क्षमता को कम कर देता है।

अपने रूटीन में ये साधारण बदलाव जोड़कर आप अपनी स्लीप साइकिल को दोबारा संतुलित कर सकते हैं और प्रतिदिन अधिक तरोताज़ा महसूस कर सकते हैं।

Back To Top