Headline
10 सितंबर को आईटीआई श्रीनगर में आयोजित होगा लघु रोजगार मेला
10 सितंबर को आईटीआई श्रीनगर में आयोजित होगा लघु रोजगार मेला
महानिदेशक ने स्वास्थ्य महानिदेशालय की समीक्षा बैठक में समयबद्ध कार्य-निस्तारण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए कड़े निर्देश
महानिदेशक ने स्वास्थ्य महानिदेशालय की समीक्षा बैठक में समयबद्ध कार्य-निस्तारण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए कड़े निर्देश
नैनीडांडा विकासखंड के शिक्षक गबर सिंह बिष्ट राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित
नैनीडांडा विकासखंड के शिक्षक गबर सिंह बिष्ट राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित
आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा
आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा
देश में बढ़ रहा स्वाइन फ्लू का खतरा, बुखार नहीं तो भी इन संकेतों पर रहें अलर्ट
देश में बढ़ रहा स्वाइन फ्लू का खतरा, बुखार नहीं तो भी इन संकेतों पर रहें अलर्ट
‘मिर्जापुर द मूवी’ ने सिनेमाघरों में मचाई धूम, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये
‘मिर्जापुर द मूवी’ ने सिनेमाघरों में मचाई धूम, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये
शिक्षक नई पीढ़ी के मार्गदर्शक, राष्ट्र एवं समाज निर्माण में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है- सीएम धामी
शिक्षक नई पीढ़ी के मार्गदर्शक, राष्ट्र एवं समाज निर्माण में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है- सीएम धामी
केदारनाथ धाम के लिए 15 सितंबर से फिर शुरू होगी हेली सेवा, 7 सितंबर से बुक होंगे टिकट
केदारनाथ धाम के लिए 15 सितंबर से फिर शुरू होगी हेली सेवा, 7 सितंबर से बुक होंगे टिकट
भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, धर्म, कर्तव्य और कर्म के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है- मुख्यमंत्री
भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, धर्म, कर्तव्य और कर्म के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है- मुख्यमंत्री

पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता की पहल, 15 जून तक होगा लाभार्थियों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन

पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता की पहल, 15 जून तक होगा लाभार्थियों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन

शहरी क्षेत्रों में उप जिलाधिकारी व ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारी की निगरानी में होगा सत्यापन

15 जून तक हर हाल में पूरा हो सत्यापन, सीडीओ का सख्त निर्देश

देहरादून। समाज कल्याण एवं महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता एवं शुद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लाभार्थियों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जनपद में सभी पेंशन प्राप्तकर्ताओं का समयबद्ध सत्यापन कर अपात्र एवं मृत पेंशनरों को सूची से हटाया जाए।

विभाग द्वारा संचालित वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, तीलू रौतेली, बौना पेंशन तथा 0 से 18 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों हेतु पेंशन योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित सभी व्यक्तियों का सत्यापन किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ केवल पात्र व्यक्तियों तक ही पहुंचे और किसी भी अपात्र को भुगतान न हो।

मुख्य विकास अधिकारी ने सत्यापन कार्य हेतु शहरी क्षेत्रों में उपजिलाधिकारी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में खण्ड विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया है। अधिकारियों को अपने अधीनस्थ पटवारी/लेखपाल तथा ग्राम विकास अधिकारी/ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के माध्यम से सत्यापन कार्य पूर्ण कराने के निर्देश जारी किए गए है। सत्यापन के दौरान यदि कोई पेंशनर मृत पाया जाता है तो उसकी मृत्यु तिथि तथा अपात्र पाए जाने पर उसका कारण स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाएगा।

सीडीओ ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सत्यापन कार्य पूर्ण कर उसकी रिपोर्ट 15 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से संबंधित सहायक समाज कल्याण अधिकारी को उपलब्ध कराएं। इसके पश्चात जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा प्राप्त सूचनाओं के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

देहरादून जनपद में समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत वृद्धावस्था पेंशन के 76,128, दिव्यांग पेंशन के 11,596, 0-18 वर्ष आयु वर्ग के दिव्यांग पेंशन के 1,121 तथा किसान पेंशन के 672 लाभार्थी शामिल हैं। इसी प्रकार, महिला कल्याण विभाग के अंतर्गत विधवा पेंशन के 32,011 तथा परित्यक्ता पेंशन के 8,140 लाभार्थी सम्मिलित हैं।

पेंशनरों की ग्रामवार एवं वार्डवार सूची विभागीय वेबसाइट ssp.uk.gov.in पर उपलब्ध कराई गई है। साथ ही आवश्यक जानकारी के लिए विभाग के नामित कम्प्यूटर ऑपरेटर के मोबाइल नंबर 7906905177 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

मुख्य विकास अधिकारी ने इस कार्य को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता न बरती जाए। समयबद्ध सत्यापन से जहां अपात्र लाभार्थियों को बाहर किया जाएगा, वहीं पात्र पेंशनरों को समय पर और सुचारू रूप से पेंशन का लाभ मिल सकेगा।

Back To Top