Headline
देहरादून में स्वच्छता अभियान: 40 टन कूड़ा उठाया, डीएम ने खुद संभाली सफाई की कमान
देहरादून में स्वच्छता अभियान: 40 टन कूड़ा उठाया, डीएम ने खुद संभाली सफाई की कमान
विद्यालयों में हो स्थायी शिक्षक और सुदृढ़ शैक्षणिक व्यवस्थाः मुख्य सचिव
विद्यालयों में हो स्थायी शिक्षक और सुदृढ़ शैक्षणिक व्यवस्थाः मुख्य सचिव
आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन 2.0 की तैयारियों का डीएम ने लिया जायजा, धावकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन 2.0 की तैयारियों का डीएम ने लिया जायजा, धावकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
ट्रंप की जेलेंस्की को दो टूक चेतावनी, बोले- समझौता नहीं किया तो भुगतने होंगे गंभीर परिणाम
ट्रंप की जेलेंस्की को दो टूक चेतावनी, बोले- समझौता नहीं किया तो भुगतने होंगे गंभीर परिणाम
उत्तराखंड की बेटी IPS तृप्ति भट्ट को CBI में SP की जिम्मेदारी, देवभूमि का बढ़ाया मान
उत्तराखंड की बेटी IPS तृप्ति भट्ट को CBI में SP की जिम्मेदारी, देवभूमि का बढ़ाया मान
ड्यूटी पर जाते समय सड़क हादसे में पुलिसकर्मी प्रमोद कुमार का निधन, तीन बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
ड्यूटी पर जाते समय सड़क हादसे में पुलिसकर्मी प्रमोद कुमार का निधन, तीन बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
सलमान खान की फिल्म ‘मातृभूमि’ का नया गाना ‘जय हिंद’ हुआ रिलीज
सलमान खान की फिल्म ‘मातृभूमि’ का नया गाना ‘जय हिंद’ हुआ रिलीज
चारधाम यात्रा में टूटा रिकॉर्ड, 60 लाख के पार पहुंची श्रद्धालुओं की संख्या
चारधाम यात्रा में टूटा रिकॉर्ड, 60 लाख के पार पहुंची श्रद्धालुओं की संख्या
22 से 26 अक्टूबर तक गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में न्याय यात्रा निकाली कांग्रेस
22 से 26 अक्टूबर तक गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में न्याय यात्रा निकाली कांग्रेस

अनियमित खान-पान और तनाव से बढ़ रही अपच की समस्या, सेहत पर पड़ रहा असर

अनियमित खान-पान और तनाव से बढ़ रही अपच की समस्या, सेहत पर पड़ रहा असर

तेज रफ्तार जिंदगी, काम का दबाव और बिगड़ी दिनचर्या आज लोगों की सेहत पर सीधा असर डाल रही है। खासतौर पर खान-पान की अनियमितता और तनाव के कारण पेट से जुड़ी परेशानियां तेजी से बढ़ी हैं। इन्हीं में से एक आम समस्या है अपच, जिसे चिकित्सकीय भाषा में डिस्पेप्सिया कहा जाता है। यह कोई बीमारी नहीं, बल्कि इस बात का संकेत है कि पाचन तंत्र सही ढंग से काम नहीं कर पा रहा है।

अक्सर लोग स्वाद या समय की कमी के चलते जरूरत से ज्यादा भोजन कर लेते हैं या जल्दबाजी में खाना खा लेते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि पेट को भोजन पचाने में दिक्कत आने लगती है। इससे सीने में जलन, पेट फूलना, खट्टी डकारें और ऊपरी पेट में भारीपन जैसी समस्याएं सामने आती हैं। यदि समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह परेशानी आगे चलकर गैस्ट्राइटिस या अल्सर जैसी गंभीर स्थिति में भी बदल सकती है। अपच न केवल शरीर को असहज बनाती है, बल्कि काम करने की क्षमता और मानसिक शांति को भी प्रभावित करती है।

खान-पान और समय में सुधार जरूरी

पाचन को बेहतर रखने के लिए सबसे जरूरी है भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाना। इससे लार में मौजूद एंजाइम्स पाचन की प्रक्रिया को आसान बना देते हैं। इसके साथ ही रात का भोजन सोने से कम से कम तीन घंटे पहले करना चाहिए। देर रात भारी खाना खाने से लेटने पर पेट का एसिड ऊपर की ओर आ सकता है, जिससे सीने में जलन की समस्या बढ़ जाती है।

इन चीजों से रखें परहेज

अत्यधिक मसालेदार, तले-भुने खाद्य पदार्थ और कैफीन युक्त पेय पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ये पेट में एसिड के असंतुलन का कारण बनते हैं। वहीं, कोल्ड ड्रिंक्स और कार्बोनेटेड पेय पेट में गैस बढ़ाते हैं। इनके बजाय छाछ, नारियल पानी और हल्की अदरक वाली चाय जैसे पेय पाचन के लिए अधिक लाभकारी माने जाते हैं।

सक्रिय दिनचर्या से मिलेगा लाभ

पाचन तंत्र का सीधा संबंध मानसिक स्थिति से भी होता है। ज्यादा तनाव लेने से पाचन प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है। रोजाना हल्की-फुल्की एक्सरसाइज, पैदल चलना या भोजन के बाद वज्रासन जैसे योगासन करने से पाचन बेहतर होता है। सक्रिय जीवनशैली से रक्त संचार सुधरता है और पाचक अंगों को सुचारु रूप से काम करने में मदद मिलती है।

कब जरूरी है डॉक्टर से संपर्क

हल्की अपच की स्थिति में अजवाइन का पानी, हींग या काला नमक जैसे घरेलू उपाय राहत दे सकते हैं। लेकिन यदि लंबे समय तक परेशानी बनी रहे, अचानक वजन घटने लगे, मल में खून आए या निगलने में दिक्कत हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। संतुलित आहार और सही दिनचर्या अपनाकर अपच से काफी हद तक बचा जा सकता है।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और सामान्य स्वास्थ्य जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

Back To Top