Headline
खेत बचाओ अभियान को जनांदोलन बनाने का आह्वान, किसानों ने लिया मिट्टी और कृषि संरक्षण का संकल्प
खेत बचाओ अभियान को जनांदोलन बनाने का आह्वान, किसानों ने लिया मिट्टी और कृषि संरक्षण का संकल्प
खाद्य सुरक्षा मानकों पर सख्ती, होटल संचालकों को किया जागरूक
खाद्य सुरक्षा मानकों पर सख्ती, होटल संचालकों को किया जागरूक
डोईवाला क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का दून पुलिस ने किया खुलासा, मामा- भांजा ही निकले आरोपी
डोईवाला क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का दून पुलिस ने किया खुलासा, मामा- भांजा ही निकले आरोपी
आयरलैंड-इंग्लैंड टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम घोषित, श्रेयस अय्यर को मिली कप्तानी
आयरलैंड-इंग्लैंड टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम घोषित, श्रेयस अय्यर को मिली कप्तानी
आपकी हर जानकारी पर साइबर ठगों की नजर, बढ़ रहे ऑनलाइन फ्रॉड के मामले, विशेषज्ञों ने किया अलर्ट
आपकी हर जानकारी पर साइबर ठगों की नजर, बढ़ रहे ऑनलाइन फ्रॉड के मामले, विशेषज्ञों ने किया अलर्ट
‘है जवानी तो इश्क होना है’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये
‘है जवानी तो इश्क होना है’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये
काशीपुर के विकास को नई गति दे रही धामी सरकार
काशीपुर के विकास को नई गति दे रही धामी सरकार
वीकेंड पर नैनीताल में उमड़ा पर्यटकों का सैलाब, पर्यटन स्थलों पर भीड़ और सड़कों पर यातायात व्यवस्था हुई प्रभावित
वीकेंड पर नैनीताल में उमड़ा पर्यटकों का सैलाब, पर्यटन स्थलों पर भीड़ और सड़कों पर यातायात व्यवस्था हुई प्रभावित
हल्द्वानी में अमेजन स्टोर में लगी भीषण आग, दो कर्मचारियों की दर्दनाक मौत
हल्द्वानी में अमेजन स्टोर में लगी भीषण आग, दो कर्मचारियों की दर्दनाक मौत

जयराम रमेश का आरोप- निकोबार परियोजना को बताया जनजातीय अधिकारों और वन नीति के खिलाफ

जयराम रमेश का आरोप- निकोबार परियोजना को बताया जनजातीय अधिकारों और वन नीति के खिलाफ

भूपेंद्र यादव का जवाब: केवल 1.78% जंगल प्रभावित, परियोजना भारत की रणनीतिक मजबूती के लिए जरूरी

नई दिल्ली। ग्रेट निकोबार बुनियादी ढांचा परियोजना को लेकर केंद्र और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं। रविवार को कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि इस परियोजना पर सवाल उठाना नकारात्मक राजनीति नहीं, बल्कि देश को संभावित पर्यावरणीय और मानवीय संकट के प्रति आगाह करने का प्रयास है।

जयराम रमेश ने कहा कि पर्यावरण मंत्री इस परियोजना से जुड़े बुनियादी सवालों का जवाब देने से लगातार बच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों पेड़ों की कटाई करके राष्ट्रीय वन नीति 1988 का उल्लंघन किया जा रहा है। रमेश ने स्पष्ट किया कि घने वर्षावनों के नुकसान की भरपाई दूरदराज राज्यों में वृक्षारोपण करके नहीं की जा सकती।

कांग्रेस नेता ने यह भी सवाल उठाया कि परियोजना को मंजूरी देते समय जनजातीय परिषद और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की राय क्यों नहीं ली गई। उन्होंने कहा कि इस योजना में जनजातीय समुदायों की चिंताओं को दरकिनार कर दिया गया है और 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत किए गए सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन को भी नज़रअंदाज़ किया गया है।

रमेश ने चेतावनी दी कि ग्रेट निकोबार द्वीप पर मौजूद लेदरबैक कछुए, मेगापोड पक्षी, खारे पानी के मगरमच्छ और कोरल रीफ जैसी दुर्लभ प्रजातियां इस परियोजना के कारण विलुप्ति के खतरे में पड़ सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 2004 की सुनामी में गंभीर रूप से प्रभावित यह क्षेत्र उच्च भूकंपीय संवेदनशीलता वाला है, ऐसे में परियोजना की स्थिरता पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

सोनिया गांधी ने भी इस 72,000 करोड़ की योजना को “योजनाबद्ध मूर्खता” बताते हुए कहा था कि यह निकोबारी जनजातियों के अस्तित्व और द्वीप के अनोखे पारिस्थितिक तंत्र को खतरे में डालती है।

वहीं, भूपेंद्र यादव का कहना है कि यह परियोजना राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम है और इसके तहत द्वीप के जंगलों का केवल 1.78 प्रतिशत हिस्सा ही उपयोग में लिया जाएगा। यादव ने इसे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री और हवाई संपर्क क्षमता को मजबूत करने वाला कदम बताया।

Back To Top