Headline
डीएम ने ईवीएम-वीवीपैट की सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, निर्धारित प्रोटोकॉल के पालन के निर्देश
डीएम ने ईवीएम-वीवीपैट की सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, निर्धारित प्रोटोकॉल के पालन के निर्देश
10 सितंबर को आईटीआई श्रीनगर में आयोजित होगा लघु रोजगार मेला
10 सितंबर को आईटीआई श्रीनगर में आयोजित होगा लघु रोजगार मेला
महानिदेशक ने स्वास्थ्य महानिदेशालय की समीक्षा बैठक में समयबद्ध कार्य-निस्तारण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए कड़े निर्देश
महानिदेशक ने स्वास्थ्य महानिदेशालय की समीक्षा बैठक में समयबद्ध कार्य-निस्तारण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए कड़े निर्देश
नैनीडांडा विकासखंड के शिक्षक गबर सिंह बिष्ट राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित
नैनीडांडा विकासखंड के शिक्षक गबर सिंह बिष्ट राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित
आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा
आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा
देश में बढ़ रहा स्वाइन फ्लू का खतरा, बुखार नहीं तो भी इन संकेतों पर रहें अलर्ट
देश में बढ़ रहा स्वाइन फ्लू का खतरा, बुखार नहीं तो भी इन संकेतों पर रहें अलर्ट
‘मिर्जापुर द मूवी’ ने सिनेमाघरों में मचाई धूम, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये
‘मिर्जापुर द मूवी’ ने सिनेमाघरों में मचाई धूम, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये
शिक्षक नई पीढ़ी के मार्गदर्शक, राष्ट्र एवं समाज निर्माण में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है- सीएम धामी
शिक्षक नई पीढ़ी के मार्गदर्शक, राष्ट्र एवं समाज निर्माण में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है- सीएम धामी
केदारनाथ धाम के लिए 15 सितंबर से फिर शुरू होगी हेली सेवा, 7 सितंबर से बुक होंगे टिकट
केदारनाथ धाम के लिए 15 सितंबर से फिर शुरू होगी हेली सेवा, 7 सितंबर से बुक होंगे टिकट

मसूड़ों में सूजन या दांत टूट रहे हैं? यह सिर्फ डेंटल नहीं—हड्डियों की बीमारी का भी हो सकता है संकेत

मसूड़ों में सूजन या दांत टूट रहे हैं? यह सिर्फ डेंटल नहीं—हड्डियों की बीमारी का भी हो सकता है संकेत

अक्सर हम दांतों में दर्द, मसूड़ों की सूजन या दांत टूटने जैसी समस्याओं को मामूली मानकर अनदेखा कर देते हैं। बहुत से लोग इसे बढ़ती उम्र या डेंटल हाइजीन की कमी से जोड़ते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये परेशानी आपकी हड्डियों के कमजोर होने का भी संकेत हो सकती है?

हर साल 20 अक्टूबर को “वर्ल्ड ऑस्टियोपोरोसिस डे” मनाया जाता है, ताकि लोगों को इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक किया जा सके। ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर की हड्डियाँ धीरे-धीरे अपना घनत्व खोने लगती हैं और कमजोर हो जाती हैं। यही असर जबड़े की हड्डी पर भी पड़ता है — जो हमारे दाँतों को थामे रखती है।

जबड़े की हड्डी कमजोर होने लगती है

जब शरीर में कैल्शियम और मिनरल की कमी होती है, तो जबड़े की हड्डी पतली और नाजुक हो जाती है। इससे दांतों की जड़ें हड्डी में ठीक से टिक नहीं पातीं और दांत ढीले या टूटने लगते हैं। यह ऑस्टियोपोरोसिस का शुरुआती संकेत हो सकता है, जिसे नज़रअंदाज नहीं करना चाहिए।

मसूड़े पीछे हटने लगते हैं

जब जबड़े की हड्डी अपना सहारा खो देती है, तो मसूड़े भी धीरे-धीरे नीचे की ओर खिसकने लगते हैं। इस स्थिति को “गम रिसेशन” कहा जाता है। इससे दांतों की जड़ें बाहर दिखने लगती हैं और ठंडा-गर्म लगना या संक्रमण जैसी दिक्कतें बढ़ जाती हैं।

डेन्चर पहनने वालों को भी परेशानी

जिन लोगों के दांत पहले से टूट चुके हैं और जो डेन्चर (कृत्रिम दांत) लगाते हैं, उनके लिए भी ऑस्टियोपोरोसिस समस्या का कारण बन सकता है। जबड़े की हड्डी के कमजोर होने से डेन्चर ठीक से फिट नहीं बैठता और बार-बार ढीला हो जाता है — यह हड्डियों के नुकसान का संकेत है।

क्या करें?

अपने भोजन में कैल्शियम, विटामिन D और विटामिन K2 से भरपूर चीजें शामिल करें।

नियमित रूप से वजन उठाने वाले एक्सरसाइज करें।

धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखें।

समय-समय पर डेंटल चेकअप कराते रहें और डॉक्टर से अपनी हड्डियों के स्वास्थ्य पर चर्चा करें।

याद रखें

दांतों और मसूड़ों की बार-बार होने वाली समस्या सिर्फ डेंटल नहीं, बल्कि ऑस्टियोपोरोसिस का शुरुआती संकेत भी हो सकती है। समय पर जांच और सही उपचार से न सिर्फ आपके दांत, बल्कि आपकी पूरी हड्डी प्रणाली को मजबूत बनाए रखा जा सकता है।

(साभार)

Back To Top