Headline
समर्पण और उद्देश्य की भावना के साथ अपने पेशेवर कर्तव्यों को निभाएं- उपराष्ट्रपति
समर्पण और उद्देश्य की भावना के साथ अपने पेशेवर कर्तव्यों को निभाएं- उपराष्ट्रपति
टिहरी में दर्दनाक सड़क हादसा: गहरी खाई में गिरा यूटिलिटी वाहन, 8 की मौत
टिहरी में दर्दनाक सड़क हादसा: गहरी खाई में गिरा यूटिलिटी वाहन, 8 की मौत
आईपीएल 2026- मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच मुकाबला आज
आईपीएल 2026- मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच मुकाबला आज
यात्रा व्यवस्था में लगे कर्मचारी, अधिकारी “अतिथि देवो भव:” की भावना से कार्य करें- महाराज
यात्रा व्यवस्था में लगे कर्मचारी, अधिकारी “अतिथि देवो भव:” की भावना से कार्य करें- महाराज
गुलदार के हमले में बुजुर्ग महिला की मौत, झाड़ियों में मिला शव
गुलदार के हमले में बुजुर्ग महिला की मौत, झाड़ियों में मिला शव
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव करता रहेगा प्रेरित- सीएम
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव करता रहेगा प्रेरित- सीएम
मुख्यमंत्री धामी ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर किया स्वागत
मुख्यमंत्री धामी ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर किया स्वागत
‘पति पत्नी और वो दो’ का पहला गाना ‘रूप दी रानी’ हुआ रिलीज
‘पति पत्नी और वो दो’ का पहला गाना ‘रूप दी रानी’ हुआ रिलीज
विधि-विधान के साथ खुले बद्रीनाथ धाम के कपाट, हजारों श्रद्धालु रहे मौजूद
विधि-विधान के साथ खुले बद्रीनाथ धाम के कपाट, हजारों श्रद्धालु रहे मौजूद

मानसून सत्र में पेश होगा यूसीसी संशोधन विधेयक-2025, विवाह पंजीकरण की समयसीमा बढ़ी

मानसून सत्र में पेश होगा यूसीसी संशोधन विधेयक-2025, विवाह पंजीकरण की समयसीमा बढ़ी

26 मार्च 2020 के बाद हुए विवाह पंजीकरण की समयसीमा छह माह से बढ़ाकर एक साल

देहरादून। राज्य सरकार मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता (संशोधन) विधेयक-2025 विधानसभा में लाने जा रही है। इस विधेयक के माध्यम से विवाह पंजीकरण की अनिवार्य समयसीमा को बढ़ाकर एक वर्ष कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि सरकार ने जुलाई माह में अध्यादेश जारी कर यह प्रावधान पहले ही लागू कर दिया था। अब इस अध्यादेश को कानून का रूप देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

कैबिनेट ने संशोधन विधेयक को विधानसभा पटल पर रखने की मंजूरी दे दी है। नए प्रावधान के तहत 26 मार्च 2020 से अधिनियम लागू होने के बाद पंजीकृत विवाहों की समयसीमा छह माह से बढ़ाकर एक साल कर दी गई है। तय अवधि के बाद पंजीकरण न कराने पर दंड और जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही सब-रजिस्ट्रार के समक्ष अपील, शुल्क निर्धारण और संबंधित प्रक्रियाओं को स्पष्ट किया गया है।

संशोधित विधेयक में समान नागरिक संहिता समिति की सिफारिशों को शामिल कर कई व्यावहारिक दिक्कतों का समाधान किया गया है। इसके तहत दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की जगह अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) का उल्लेख होगा। साथ ही, जहां-जहां ‘शुल्क’ शब्द लिखा गया था, उसे सुधारकर ‘पेनल्टी’ लिखा जाएगा ताकि कानूनी प्रावधान और स्पष्ट हो सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top